
संसद भवन की प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली:
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में नारेबाज़ी करते हुए इतने अधीर हो गए कि वे शोर मचाते हुए सीधे स्पीकर की मेज़ के ऊपर तख़्तियां लहराने लगे। दो बजकर 55 मिनट के आसपास हुई इस घटना के बाद स्पीकर ने लोकसभा को चार बजे तक स्थगित कर दिया।
लोकसभा में विपक्ष के हंगामे का प्रसारण लोकसभा टीवी पर नहीं किए जाने पर कांग्रेस नाराज़ है। कांग्रेस समेत वेल में घुसी अन्य विपक्षी पार्टियों के सांसद अपनी-अपनी तख़्ती को ऊंची करने में लगे रहे, ताकि वे कैमरे की नज़र में आएं और देश उन्हें सीधे प्रसारण में देख सके। हालांकि कुछेक फ़्रेम को छोड़कर उन्हें कामयाबी नहीं मिली। नज़ारा ऐसा भी देखने को मिला कि जब कोई मंत्री या सत्ता पक्ष का सांसद अपनी बात रखने के लिए उठता तो उनके और कैमरे के बीच विपक्षी दल के सांसद तख़्तियां लहराने की कोशिश करते रहे।
कांग्रेस की तरफ़ ये राहुल गांधी सदन में घूम-घूमकर लोकसभा टीवी के 'फ़िक्स्ड कैमरे' और उसके 'ऐंगल' का मुआयना करते नज़र आए। सीट पर बैठकर वे कुछ तस्वीरें लेने की कोशिश भी करते दिखे। हालांकि लोकसभा टीवी के अलावा सदन की कार्यवाही का कवरेज किसी और तरीक़े से बाहर नहीं दिखाया जा सकता। ऐसे में हो सकता है कि राहुल हंगामे के दृश्यों को यादगार के तौर पर लेना चाह रहे हों।
कांग्रेस के कुछ सांसद संसद परिसर में यह कहते भी सुने गए कि मंगलवार से पार्टी बड़ी तख़्तियों के साथ प्रदर्शन करेगी। लोकसभा टीवी पर हंगामे के 'ब्लैकआउट' से नाराज़ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पहले ही यह टिप्पणी कर चुकी हैं कि यह काम करने का उनका तरीक़ा है। इशारा मोदी शैली की तरफ़ था।
सोमवार को सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी पार्टियों के सांसद वेल में आकर सुषमा-राजे के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। स्पीकर ने हंगामे के बावजूद अपनी तरफ़ से हाउस चलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सदन को बार-बार स्थगित करना पड़ा। प्रश्नकाल 20 मिनट, तो शून्यकाल 45 मिनट तक चला। इसके बाद जब दो बजे सदन शुरू हुआ तो हंगामा फिर होने लगा।
लोकसभा में विपक्ष के हंगामे का प्रसारण लोकसभा टीवी पर नहीं किए जाने पर कांग्रेस नाराज़ है। कांग्रेस समेत वेल में घुसी अन्य विपक्षी पार्टियों के सांसद अपनी-अपनी तख़्ती को ऊंची करने में लगे रहे, ताकि वे कैमरे की नज़र में आएं और देश उन्हें सीधे प्रसारण में देख सके। हालांकि कुछेक फ़्रेम को छोड़कर उन्हें कामयाबी नहीं मिली। नज़ारा ऐसा भी देखने को मिला कि जब कोई मंत्री या सत्ता पक्ष का सांसद अपनी बात रखने के लिए उठता तो उनके और कैमरे के बीच विपक्षी दल के सांसद तख़्तियां लहराने की कोशिश करते रहे।
कांग्रेस की तरफ़ ये राहुल गांधी सदन में घूम-घूमकर लोकसभा टीवी के 'फ़िक्स्ड कैमरे' और उसके 'ऐंगल' का मुआयना करते नज़र आए। सीट पर बैठकर वे कुछ तस्वीरें लेने की कोशिश भी करते दिखे। हालांकि लोकसभा टीवी के अलावा सदन की कार्यवाही का कवरेज किसी और तरीक़े से बाहर नहीं दिखाया जा सकता। ऐसे में हो सकता है कि राहुल हंगामे के दृश्यों को यादगार के तौर पर लेना चाह रहे हों।
कांग्रेस के कुछ सांसद संसद परिसर में यह कहते भी सुने गए कि मंगलवार से पार्टी बड़ी तख़्तियों के साथ प्रदर्शन करेगी। लोकसभा टीवी पर हंगामे के 'ब्लैकआउट' से नाराज़ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पहले ही यह टिप्पणी कर चुकी हैं कि यह काम करने का उनका तरीक़ा है। इशारा मोदी शैली की तरफ़ था।
सोमवार को सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी पार्टियों के सांसद वेल में आकर सुषमा-राजे के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। स्पीकर ने हंगामे के बावजूद अपनी तरफ़ से हाउस चलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सदन को बार-बार स्थगित करना पड़ा। प्रश्नकाल 20 मिनट, तो शून्यकाल 45 मिनट तक चला। इसके बाद जब दो बजे सदन शुरू हुआ तो हंगामा फिर होने लगा।
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