दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा धरना दिए जाने की कड़ी आलोचना करते हुए उनकी सरकार को बाहर से समर्थन दे रही कांग्रेस ने कहा कि सरकार सड़कों से नहीं चलाई जा सकती है, जबकि भाजपा ने इस रवैये को 'अराजकता और नौटंकी' बताया है।
इस बीच गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इस संबंध में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भेंट की।
इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने दिल्ली के मुख्यमंत्री से अपने पद की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, 'उन्हें मुख्यमंत्री के पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए और न्यायिक जांच पूरी होने तक इंतजार करना चाहिए। वह एक मुख्यमंत्री हैं..जो कि एक उच्च पद है। उन्हें सहयोग करना चाहिए।'
वहीं केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी को विरोध प्रदर्शन के कारण अपने दफ्तर जाने के लिए कुछ दूरी तक पैदल चलना पड़ा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को दिल्ली में सरकार चलाने के लिए जनादेश मिला है, अराजकता पैदा करने के लिए नहीं।
इसके साथ ही राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, 'आप दिखावटीपन से अगले स्तर- अराजकता पर आ गई है। दिल्ली आप को समर्थन करने के कांग्रेस के गलत फैसले की कीमत भुगत रही है।'
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