New Delhi:
सर्कस में अब बच्चों से काम कराने पर रोक लगा दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह दो हफ्ते के भीतर एक नोटिफिकेशन जारी कर सर्कस में बच्चों के काम कराने पर रोक लगाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाली गैर-सरकारी संस्था 'बचपन बचाओ आंदोलन' देश के सर्कसों में छापे मारकर बच्चों को छुड़ाएगी और पूरी जांच−पड़ताल के बाद उन्हें उनके माता−पिता के हवाले करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने मानव संसाधन और बाल विकास मंत्रालय से 10 हफ्तों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा है। न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि बच्चों के मूल अधिकारों का संरक्षण करने के लिए यह जरूरी है कि सरकार इस क्षेत्र में बच्चों को काम पर रखने पर प्रतिबंध लगाती अधिसूचना जारी करे। शीर्ष अदालत ने सर्कसों में काम करने वाले बच्चों को मुक्त कराने के लिए छापे मारने और उनके लिये उचित पुनर्वास कार्यक्रम बनाने के सरकार को निर्देश दिए। न्यायालय ने यह आदेश गैर-सरकारी संगठन बचपन बचाओ आंदोलन की याचिका पर दिया, जिसमें सर्कस में काम करने वाले 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मुक्त कराने और उनका पुनर्वास करने के सरकार को निर्देश देने की मांग की गई।
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