
बैंगलुरू:
खुले में शौच जैसी समस्या का 2019 तक भारत में पूरी तरह ख़त्म करने और देश भर में साफ़-सफाई का माहौल बनाने के लिए राष्ट्रीय नीति आयोग की उप-समिति की बैठक बेंगलुरु के विधानसभा भवन में बुलाई गई है, जिसकी अध्यक्षता आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू करेंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी शासित महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पहले से तयशुदा कार्यक्रम की वजह से इस बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे।
इनमे से कुछ मुख्यमंत्रियों ने अपनी कैबिनेट के वरिष्ठ सहयोगियों को इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए भेजा है।
मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लाल थनहौला इस बैठक में भाग लेने के लिए बेंगलुरू पहुंच गए है, उनके अलावा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस बैठक में भाग लेंगे।
नीति आयोग के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सिंधुश्री खुल्लर और ग्रामीण विकास मंत्रालय में सचिव सरस्वती प्रसाद की देख-रेख में 4 घंटो की ये बैठक होगी, जिसमें देश में साफ़-सफाई कैसे बढ़ाई जाए और कैसे खुले में शौच जैसी समस्या को महात्मा गांधी के 150वें जन्मदिन के मौके यानी 2019 तक पूरी तरह ख़त्म किया जा सके, इससे जुड़ी नीतियों का निर्धारण किया जाएगा।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी शासित महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पहले से तयशुदा कार्यक्रम की वजह से इस बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे।
इनमे से कुछ मुख्यमंत्रियों ने अपनी कैबिनेट के वरिष्ठ सहयोगियों को इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए भेजा है।
मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लाल थनहौला इस बैठक में भाग लेने के लिए बेंगलुरू पहुंच गए है, उनके अलावा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस बैठक में भाग लेंगे।
नीति आयोग के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सिंधुश्री खुल्लर और ग्रामीण विकास मंत्रालय में सचिव सरस्वती प्रसाद की देख-रेख में 4 घंटो की ये बैठक होगी, जिसमें देश में साफ़-सफाई कैसे बढ़ाई जाए और कैसे खुले में शौच जैसी समस्या को महात्मा गांधी के 150वें जन्मदिन के मौके यानी 2019 तक पूरी तरह ख़त्म किया जा सके, इससे जुड़ी नीतियों का निर्धारण किया जाएगा।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं