
सिरसा में तैनात सेना के जवान.
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सिरसा में डेरा प्रेमियों से एफिडेविट पर दस्तखत करवाया जाता था
एफिडेविट में लिखा होता था किसी भी नुकसान के लिए डेरा जिम्मेदार नहीं
डेरा की सेवा करते हुए कुछ भी होने पर जिम्मेदारी खुद की
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नुकसान पहुंचने के लिए घरवाले जिम्मेदार नहीं
NDTV के पास एक महिला का ऐफिडेविट है, जिसमें स्टैम्प लगा हुआ. जिस पर डेरा प्रेमी का नाम, पूरा पता लिखा हुआ है. साथ ही इस बात का भी जिक्र है कि उसको पहुंचे किसी भी नुकसान के लिए डेरा को जिम्मेदार न माने. इसमें लिखा हुआ है कि अगर डेरा की सेवा करते हुए मेरी मौत भी हो जाती है तो इसकी जिम्मेदार मैं खुद होंगी.
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VIDEO: 'नुकसान हो तो डेरा को जिम्मेदार न मानें'
आर्मी ने बनाया प्लान-बी
उधर, सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के हेडक्वार्टर को लेकर आर्मी ने अपने प्लान में बदलाव किया है. आर्मी ने तय किया है कि अब डेरा के हेडक्वार्टर से किसी भी समर्थक को बाहर नहीं आने दिया जाएगा. साथ ही अगले 48 घंटे तक आर्मी भी डेरा हेडक्वार्टर में नहीं दाखिल होगी. सेना से जुड़े सूत्रों ने NDTV को बताया कि डेरा से बाहर निकल रहे लोगों से एक बार फिर से उपद्रव होने की आशंका है. इसी को ध्यान में रखते हुए प्लान में बदलाव किया गया है. गौरतलब है कि साध्वी से रेप के 15 साल पुराने मामले में शुक्रवार का पंचकूला की सीबीआई अदालत ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराया गया था. इसके बाद राम रहीम के समर्थकों ने सिरसा, पंचकूला सहित सहित कई जगहों पर उत्पात और हिंसा की थी, जिसमें 36 लोगों की मौत हो गई थी.
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