
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से पीडीपी और बीजेपी नेताओं के मुलाकात के बाद अब यह लगभग तय हो गया है कि दोनों दल मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं।
यह भी अब पक्का हो गया है कि जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के मुफ्ती मोहम्मद सईद की अगुवाई में पीडीपी-बीजेपी गठबंधन की सरकार अगले कुछ ही दिनों में शपथ लेगी। संभावना है कि एक हफ्ते के भीतर ही जम्मू-कश्मीर में सरकार बन जाएगी।
न्यूनतम साझा कार्यक्रम के मुताबिक मुफ्ती 6 सालों के लिए मुख्यमंत्री होंगे। रियासत में पहली बार सरकार बनाने की खातिर बीजेपी ने अपनी जिद छोड़ दी है। पहले बीजेपी की जिद थी कि राज्य के मुख्यमंत्री का पद तीन-तीन वर्ष के लिए दोनों पार्टियों के बीच बांटा जाए। अब दोनों पार्टियों के बीच हुए सहमति फार्मूले के मुताबिक मुख्यमंत्री का पद 6 साल तक के लिए पीडीपी के पास होगा और बीजेपी को उपमुख्यमंत्री का पद मिलेगा।
इतना ही नही उसके दो लोगों को पीडीपी के सहयोग से राज्यसभा में भेज जाएगा। दोनों पार्टियों के बीच बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। वैसे कुछ छोटे मुद्दे हैं, जिन पर थोड़ा मतभेद है पर दो-तीन दिनों में इस पर भी सहमति बनने की संभावना है। वैसे सरकार न बनने के हालात में 9 जनवरी से राज्य में राज्यपाल शासन लागू हो गया है। जम्मू-कश्मीर संविधान की धारा 92 के तहत छह माह के लिए राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया।
जम्मू-कश्मीर में 87 विधानसभा सीटों के लिए दिसंबर में हुए चुनाव में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, जिससे यहां सरकार गठन को लेकर संकट खड़ा हो गया। चुनाव में पीडीपी 28 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। बीजेपी 25 सीट के साथ दूसरे स्थान पर रही। नेशनल कांफ्रेंस ने 15 और कांग्रेस ने 12 सीटें जीती हैं।
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