
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दस्तावेज़ लीक मामले में वीरेंद्र नाम के शख़्स को गिरफ़्तार किया है। वीरेंद्र रक्षा मंत्रालय के ऑडिट ऑफ़िस में अस्थायी कर्मचारी है।
ये गिरफ़्तारी दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई पहली FIR के मामले में हुई है। पुलिस के मुताबिक वीरेंद्र ने पेट्रोलियम मंत्रालय के कर्मचारी लालता प्रसाद को फर्जी पहचान पत्र कुछ दस्तावेज दिए जिनका इस्तेमाल मामले के दूसरे आरोपी राजकुमार चौबे ने किया मंत्रालयों में आसानी से आने-जाने में किया।
हालांकि पुलिस के मुताबिक़ रक्षा मंत्रालय का कोई भी संवेदनशील दस्तावेज़ लीक नहीं हुआ है। वहीं, दूसरी FIR में दिल्ली पुलिस ने लोकेश की निशानदेही पर जनकपुरी के एक कंसलटेंसी कंपनी में छापा मारा जहां लोकेश चोरी किए हुए दस्तावेज़ बेचता था। इस मामले में अभी अलग-अलग मंत्रालयों के सात से आठ लोगों से पूछताछ चल रही है।
कॉरपोरेट कंपनियों से गिरफ़्तार किए 5 आरोपियों को आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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