
कांग्रेस प्रत्याशी दर्शना जाटव ने एमसीडी चुनावों में चौथी बार जीत हासिल की.
नई दिल्ली:
कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के बीच ऐसी भी उम्मीदवार हैं जो लगातार चौथी बार जीती हैं. 2002 से लगातार जीत दर्ज करने वाली दर्शना जाटव कहती हैं कि जनता ने काम का ईनाम दिया है. दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के सिद्धार्थनगर वार्ड 56 (एस) से जाटव ने अपनी जीत का परचम फिर फहराया है. दर्शना कहती हैं कि मोदी की लहर में ये जीत इस बात का प्रमाण है कि जनता के लिए मैंने काम किया है. आगे भी काम करती रहूंगी और ये साबित हो गया है कि कोई भी लहर हो जनता काम करने वाले कैंडिडेट को सर आंखों पर रखती है.
उल्लेखनीय है कि दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनावों में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने कांग्रेस की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उनका इस्तीफा कबूल किया है या नहीं? इस्तीफा से पहले अजय माकन ने एमसीडी चुनाव परिणाम पर कहा कि कांग्रेस ने जिम्मेदारी के साथ वापसी की है, लेकिन हमें इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी. उन्होंने कहा कि वे आम कार्यकर्ताओं की तरह पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं.
इसके अलावा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिल्ली में लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहने वाली शीला दीक्षित ने एमसीडी चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी को सलाह देते हुए कहा है,''यह जनता का जनादेश है, इसे सम्मान के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए.'' कांग्रेस एमसीडी चुनावों में तीसरे पायदान पर रही. बीजेपी ने दो तिहाई बहुमत के साथ जीत हासिल की है. अरविंद केजरीवाल की आप दूसरे स्थान पर रही.
शीला दीक्षित से जब कांग्रेस की हार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दरअसल आक्रामक प्रचार नहीं किया. इस वजह से कांग्रेस पिछड़ गई. कांग्रेस के किसी भी कद्दावर या बड़े नेता ने 270 वार्डों में प्रचार नहीं किया. जब उनसे पूछा गया कि आपने प्रचार क्यों नहीं किया तो शीला दीक्षित ने कहा, '''मैंने इसलिए प्रचार नहीं किया क्योंकि पार्टी ने इसके लिए मुझे आमंत्रित नहीं किया. मैं अपने आप से तो ऐसा नहीं कर सकती थी.'
उल्लेखनीय है कि दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनावों में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने कांग्रेस की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उनका इस्तीफा कबूल किया है या नहीं? इस्तीफा से पहले अजय माकन ने एमसीडी चुनाव परिणाम पर कहा कि कांग्रेस ने जिम्मेदारी के साथ वापसी की है, लेकिन हमें इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी. उन्होंने कहा कि वे आम कार्यकर्ताओं की तरह पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं.
इसके अलावा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिल्ली में लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहने वाली शीला दीक्षित ने एमसीडी चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी को सलाह देते हुए कहा है,''यह जनता का जनादेश है, इसे सम्मान के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए.'' कांग्रेस एमसीडी चुनावों में तीसरे पायदान पर रही. बीजेपी ने दो तिहाई बहुमत के साथ जीत हासिल की है. अरविंद केजरीवाल की आप दूसरे स्थान पर रही.
शीला दीक्षित से जब कांग्रेस की हार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दरअसल आक्रामक प्रचार नहीं किया. इस वजह से कांग्रेस पिछड़ गई. कांग्रेस के किसी भी कद्दावर या बड़े नेता ने 270 वार्डों में प्रचार नहीं किया. जब उनसे पूछा गया कि आपने प्रचार क्यों नहीं किया तो शीला दीक्षित ने कहा, '''मैंने इसलिए प्रचार नहीं किया क्योंकि पार्टी ने इसके लिए मुझे आमंत्रित नहीं किया. मैं अपने आप से तो ऐसा नहीं कर सकती थी.'
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