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This Article is From Jun 22, 2020

लद्दाख मामले पर बोलीं मायावती परिपक्वता के साथ काम करे विपक्ष, सरकार पर छोड़ें आगे क्या करना है 

मायावती ने कहा कि ऐसे कठिन व चुनौती भरे समय में भारत सरकार की अगली कार्रवाई के सम्बंध में लोगों व विशषज्ञों की राय अलग-अलग हो सकती है.

लद्दाख मामले पर बोलीं मायावती परिपक्वता के साथ काम करे विपक्ष, सरकार पर छोड़ें आगे क्या करना है 
फाइल फोटो
नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने कहा कि चीनी सेना के साथ झड़प में जवानों की मौत से पूरे देश में आक्रोश है. ऐसे समय में सरकार और विपक्ष को एकजुटता और परिपक्वता दिखाते हुए साथ काम करना चाहिए. मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा- अभी हाल ही में 15 जून को लद्दाख में चीनी सेना के साथ हुए संघर्ष में कर्नल सहित 20 सैनिकों की मौत से पूरा देश काफी दुःखी, चिन्तित व आक्रोशित है. इसके निदान हेतु सरकार व विपक्ष दोनों को पूरी परिपक्वता व एकजुटता के साथ काम करना है जो देश-दुनिया को दिखे व प्रभावी सिद्ध हो. 

उन्होंने आगे कहा, "ऐसे कठिन व चुनौती भरे समय में भारत सरकार की अगली कार्रवाई के सम्बंध में लोगों व विशषज्ञों की राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन मूल रूप से यह सरकार पर छोड़ देना बेहतर है कि वह देशहित व सीमा की रक्षा हर हाल में करे, जो कि हर सरकार का दायित्व भी है."

बता दें कि चीन के टेंट हटाने से इनकार करने के बाद 15 जून को भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने आए थे. देशों के सैनिकों के बीच झड़प हो गई थी. जिसमें 20 भारतीय जवानों की जान चली गई थी. सेना के सूत्रों के मुताबिक, चीन के 45 सैनिकों के मारे जाने या घायल होने की खबर है. 

इस बीच, गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने रविवार को कहा, "स्थानीय हालात को देखते हुए सरकार ने भारतीय सेना को इसकी पूरी छूट दे दी है कि वह भारत की सीमाओं और अपने सैनिकों की रक्षा करते हुए जैसे चाहे चीनी सेना से निपटे." 

वीडियो: गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में भारत के 20 जवानों की गई जान

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