
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने कहा कि चीनी सेना के साथ झड़प में जवानों की मौत से पूरे देश में आक्रोश है. ऐसे समय में सरकार और विपक्ष को एकजुटता और परिपक्वता दिखाते हुए साथ काम करना चाहिए. मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा- अभी हाल ही में 15 जून को लद्दाख में चीनी सेना के साथ हुए संघर्ष में कर्नल सहित 20 सैनिकों की मौत से पूरा देश काफी दुःखी, चिन्तित व आक्रोशित है. इसके निदान हेतु सरकार व विपक्ष दोनों को पूरी परिपक्वता व एकजुटता के साथ काम करना है जो देश-दुनिया को दिखे व प्रभावी सिद्ध हो.
उन्होंने आगे कहा, "ऐसे कठिन व चुनौती भरे समय में भारत सरकार की अगली कार्रवाई के सम्बंध में लोगों व विशषज्ञों की राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन मूल रूप से यह सरकार पर छोड़ देना बेहतर है कि वह देशहित व सीमा की रक्षा हर हाल में करे, जो कि हर सरकार का दायित्व भी है."
1. अभी हाल ही में 15 जून को लद्दाख में चीनी सेना के साथ हुए संघर्ष में कर्नल सहित 20 सैनिकों की मौत से पूरा देश काफी दुःखी, चिन्तित व आक्रोशित है। इसके निदान हेतु सरकार व विपक्ष दोनों को पूरी परिपक्वता व एकजुटता के साथ काम करना है जो देश-दुनिया को दिखे व प्रभावी सिद्ध हो। 1/2
— Mayawati (@Mayawati) June 22, 2020
बता दें कि चीन के टेंट हटाने से इनकार करने के बाद 15 जून को भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने आए थे. देशों के सैनिकों के बीच झड़प हो गई थी. जिसमें 20 भारतीय जवानों की जान चली गई थी. सेना के सूत्रों के मुताबिक, चीन के 45 सैनिकों के मारे जाने या घायल होने की खबर है.
2. ऐसे कठिन व चुनौती भरे समय में भारत सरकार की अगली कार्रवाई के सम्बंध में लोगों व विशषज्ञों की राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन मूल रूप से यह सरकार पर छोड़ देना बेहतर है कि वह देशहित व सीमा की रक्षा हर हाल में करे, जो कि हर सरकार का दायित्व भी है। 2/2
— Mayawati (@Mayawati) June 22, 2020
इस बीच, गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने रविवार को कहा, "स्थानीय हालात को देखते हुए सरकार ने भारतीय सेना को इसकी पूरी छूट दे दी है कि वह भारत की सीमाओं और अपने सैनिकों की रक्षा करते हुए जैसे चाहे चीनी सेना से निपटे."
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