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This Article is From Sep 22, 2014

इतिहास रचने की ओर भारत : मंगलयान के मुख्य इंजन का अहम टेस्ट सफल

बेंगलुरु:

भारत के मंगल मिशन ने एक और अहम पड़ाव पार कर लिया है। मंगलयान के मुख्य इंजन का टेस्ट फायर कामयाब रहा है। नौ महीने से बंद इस इंजन को चार सेकेंड के लिए चालू किया गया, जिससे इस बात की तस्दीक हो गई कि यह ठीक काम कर रहा है। बस दो दिन और अगर सब कुछ ठीक रहा तो बुधवार को मंगल की कक्षा में पहुंच जाएगा। साथ ही अगर यह मिशन कामयाब रहता है कि भारत पहली ही कोशिश में मंगल पर पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन जाएगा।

इस टेस्ट का मकसद यान की गति को धीमा करना है ताकि यह मंगल ग्रह के गुरुत्वाकर्षण में खिंचा चला जाए और उसकी कक्षा में स्थापित हो सके।

इससे पूर्व यह मंगल के गुरुत्वीय प्रभावक्षेत्र में दाखिल हो गया था। आगामी 24 सितंबर को इसे मंगल की कक्षा में दाखिल होना है।

गौरतलब है कि श्रीहरिकोटा से पिछले साल 5 नवंबर को प्रक्षेपित किए जाने के बाद मंगलयान ने 1 दिसंबर को पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी थी और इसके साथ ही मंगल पर अभियान भेजने वाले खास देशों की सूची में भारत का नाम शामिल करने की इसकी ऐतिहासिक यात्रा शुरू हो गई थी।

इसरो के एक अधिकारी ने बताया, अब चूंकि अंतरिक्षयान मंगल के प्रभावक्षेत्र में दाखिल हो चुका है, तो उसके वेग पर नियंत्रण रखना होगा ताकि वह लाल ग्रह के प्रभावक्षेत्र से बाहर न जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिक्षयान 24 सितंबर को भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े सात बजे मंगल की कक्षा में दाखिल होगा।

मार्स ऑर्बिटर मिशन (एमओएम) भारत का पहला अंतग्रही अभियान है, जिसे आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित अंतरिक्ष प्रक्षेपण स्थल (स्पेसपोर्ट) से पोलर सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल के जरिये प्रक्षेपित किया गया था।

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