
कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि छात्र स्कूलों के भारी बस्तों के बोझ तले दबे हुए हैं और पाठ्यक्रम तथा माता- पिता का दबाव इसे और बढ़ा रहा है।
शिक्षक दिवस के मौके पर यहां एक कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने कहा, छात्रों को बहुत वजनी बस्ता लेकर जाना होता है, जो उनके अपने वजन से ज्यादा होता है। इस तरह के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम का बोझ उनकी उम्र के मुताबिक होना चाहिए। पाठ्यक्रम का बोझ घटाया जाना चाहिए। उन्होंने माता-पिता के दबाव के बारे में कहा कि अभिभावक चाहते हैं कि छात्र अध्ययन, तैराकी, गाने और चित्रकारी समेत हरेक क्षेत्र में पहले स्थान पर आएं। इससे छात्रों में काफी तनाव उत्पन्न होता है।
शिक्षक दिवस के मौके पर यहां एक कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने कहा, छात्रों को बहुत वजनी बस्ता लेकर जाना होता है, जो उनके अपने वजन से ज्यादा होता है। इस तरह के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम का बोझ उनकी उम्र के मुताबिक होना चाहिए। पाठ्यक्रम का बोझ घटाया जाना चाहिए। उन्होंने माता-पिता के दबाव के बारे में कहा कि अभिभावक चाहते हैं कि छात्र अध्ययन, तैराकी, गाने और चित्रकारी समेत हरेक क्षेत्र में पहले स्थान पर आएं। इससे छात्रों में काफी तनाव उत्पन्न होता है।
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