सुषमा स्वराज का फाइल फोटो
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वीनारायणसामी ने विभिन्न मुद्दों पर जारी हंगामे के बीच शुक्रवार को लोकपाल विधेयक राज्यसभा में पेश कर दिया।
विधेयक में उच्चस्तर के सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए लोकपाल नामक संस्था बनाने का प्रावधान है।
मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि यदि प्रवर समिति के संशोधनों के अनुसार विधेयक को पेश किया जाए तो वह बिना बहस के ही लोकपाल विधेयक को पारित कराने के लिए तैयार है।
बहरहाल, राज्यसभा के सभापति एम हामिद अंसारी ने इस विचार को खारिज कर दिया और जोर दिया कि विधेयक को बिना बहस के पारित नहीं किया जा सकता है।
विधेयक के पेश किए जाने के तत्काल बाद हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
समाजवादी पार्टी (सपा) और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसद सभापति के आसन के समीप आ गए और महंगाई तथा आंध्र प्रदेश के विभाजन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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