न्यायिक हिरासत से रिहा होने के बाद भी अनशन पर बैठीं मणिपुर की मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला को पुलिस ने जबरन अनशन स्थल से हटा दिया। उन्हें खुदकुशी की कोशिश के आरोप में दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद हालांकि खुद इरोम, उनकी मां और उनके समर्थकों ने पुलिस का विरोध किया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस इरोम को वहां से ले गई।
मणिपुर के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) (खुफिया) संतोष माचेरला ने बताया, अदालत ने उन्हें पिछले मामले में रिहा किया था। अब वह दोबारा अन्न, जल लेने से इनकार कर रही हैं और किसी भी मेडिकल जांच से इनकार कर रही हैं। उनके स्वास्थ्य में गिरावट हो रही है और अब वे उन्हें जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के उसी वार्ड में रखा गया है, जहां उन्हें पहले रखा गया था। उन्होंने बताया कि उनकी मेडिकल जांच की जाएगी और एक बार फिर उन्हें नाक के जरिये जबरन भोजन दिया जाएगा।
इससे पहले, गुरुवार देर रात पुलिस करीब 10 बजे इरोम के पास पहुंची और उन्हें मेडिकल चेकअप कराने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन इरोम ने मेडिकल चेकअप कराने से इनकार कर दिया।
पुलिस और इरोम के बीच काफी देर तक इसे लेकर बहस चली। इरोम की सेहत को लेकर उनके समर्थकों में चिंता बढ़ती जा रही है। उन्होंने बुधवार से कुछ नहीं खाया है।
मणिपुर में आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर्स एक्ट (एएफएसपीए) के खिलाफ वर्ष 2000 में इरोम ने अनशन शुरू किया था। मंगलवार को शर्मिला के खिलाफ दायर आत्महत्या के प्रयास के एक मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इरोम के खिलाफ खुदकुशी के प्रयास का कोई आधार नहीं है और उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं