
सकथान का कहना है कि डॉक्टरों ने उन्हें झुकने से मना किया है
तिरुवनंतपुरम:
केरल के स्पीकर एन सकथान तब विवाद में फंस गए जब उनके सहायक उन्हें सैंडल पहना रहे थे और उनकी तस्वीर खींच ली गई। तस्वीर को सोशल मीडिया तक पहुंचने में वक्त नहीं लगा जिसे देखकर कई लोगों ने सकथान के इस्तीफे की मांग की है। यह घटना बुधवार को केरल विधानसभा के परिसर में चल रहे एक कार्यक्रम की है।
64 साल के सकथान का दावा है कि डॉक्टरों ने उन्हें झुकने के लिए मना किया है और उन्होंने बीजू (जो कि उनका रिश्तेदार भी है) को जूते पहनाने के लिए नहीं बोला था।
सकथान कहते हैं 'मैं काफी सालों से एक गंभीर बीमारी से जूझ रहा हूं जिससे मेरी दोनों आंखों पर भी असर पड़ है। मेरी आंखों की अब तक 10 लेज़र सर्जरी हो चुकी हैं।' अपनी बात पूरी करते हुए सकथान ने कहा 'मुझे डॉक्टर ने कहा है कि झुकना नहीं है, न ही वज़न उठाना है, यहां तक देर तक धूप में भी नहीं रहना है।'
'झुकने में सावधानी बरतता हूं'
स्पीकर का कहना है कि वह आमतौर पर पट्टी वाली सैंडल पहनते हैं लेकिन फसल कटाई के इस कार्यक्रम में उन्होंने अलग जूते पहने क्योंकि उन्हें लगा कि शायद खेतों में चलना पड़ेगा। सकथान का कहना है कि जब वह कार्यक्रम में पहुंचे तो उन्हें पता चला कि दरी पर चलना होगा और इसलिए उनके सहायक ने स्लिपर निकालने में उनकी मदद की।
गौरतलब है कि डॉक्टर की सलाह के बावजूद सकथान को कई बार धान काटते हुए देखा गया जिस पर उनका कहना था 'मैं झुकते वक्त थोड़ी सावधानी बरतता हूं।' लेकिन ट्विटर के लिए इतनी सफाई काफी नहीं थी और स्पीकर को कई तरह की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। एक ट्वीट में लिखा गया 'स्पीकर सकथान ने जो किया उसकी कोई सफाई नहीं चलेगी, माफी मांगिए या कुर्सी छोड़िए।'
ऐसा ही एक और ट्वीट है जिसमें कहा गया है कि केरल विधानसभा का यह स्पीकर जो अपने जूते भी खुद नहीं उतार सकता।
64 साल के सकथान का दावा है कि डॉक्टरों ने उन्हें झुकने के लिए मना किया है और उन्होंने बीजू (जो कि उनका रिश्तेदार भी है) को जूते पहनाने के लिए नहीं बोला था।
सकथान कहते हैं 'मैं काफी सालों से एक गंभीर बीमारी से जूझ रहा हूं जिससे मेरी दोनों आंखों पर भी असर पड़ है। मेरी आंखों की अब तक 10 लेज़र सर्जरी हो चुकी हैं।' अपनी बात पूरी करते हुए सकथान ने कहा 'मुझे डॉक्टर ने कहा है कि झुकना नहीं है, न ही वज़न उठाना है, यहां तक देर तक धूप में भी नहीं रहना है।'
'झुकने में सावधानी बरतता हूं'
स्पीकर का कहना है कि वह आमतौर पर पट्टी वाली सैंडल पहनते हैं लेकिन फसल कटाई के इस कार्यक्रम में उन्होंने अलग जूते पहने क्योंकि उन्हें लगा कि शायद खेतों में चलना पड़ेगा। सकथान का कहना है कि जब वह कार्यक्रम में पहुंचे तो उन्हें पता चला कि दरी पर चलना होगा और इसलिए उनके सहायक ने स्लिपर निकालने में उनकी मदद की।
गौरतलब है कि डॉक्टर की सलाह के बावजूद सकथान को कई बार धान काटते हुए देखा गया जिस पर उनका कहना था 'मैं झुकते वक्त थोड़ी सावधानी बरतता हूं।' लेकिन ट्विटर के लिए इतनी सफाई काफी नहीं थी और स्पीकर को कई तरह की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। एक ट्वीट में लिखा गया 'स्पीकर सकथान ने जो किया उसकी कोई सफाई नहीं चलेगी, माफी मांगिए या कुर्सी छोड़िए।'
No excuse can justify what speaker Shaktan did, he has to apologise or leave the chair. #Kerala
— Vineeth Jose (@vineethjose) October 15, 2015
ऐसा ही एक और ट्वीट है जिसमें कहा गया है कि केरल विधानसभा का यह स्पीकर जो अपने जूते भी खुद नहीं उतार सकता।
The Kerala assembly speaker who can't take off his own footwear? https://t.co/XonVZsFmPA
— T.A.Abdul Samad (@Manorama_AUH) October 15, 2015
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