
प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली:
बलात्कार की कथित पीड़िता जेएनयू की छात्रा के वकील ने पुलिस को पत्र लिख कर उनसे 'शिकायतकर्ता की पहचान और निजता की चुनिंदा जानकारी लीक होने से बचाने का अनुरोध किया है.
वसंत कुंज (उत्तर) थाना के एसएचओ को लिखे एक पत्र में वकील ने कहा कि उम्र, उसके पाठ्यक्रम और आरोपी अनमोल रतन के संपर्क में वह कैसे आयी सहित शिकायतकर्ता के बारे में सूचना लीक करना 'भारतीय दंड संहिता की धारा 228 ए के तहत कानून और संविधान का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन है.'
यह पत्र दिल्ली पुलिस आयुक्त, डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल और जेएनयू एवं दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी को भी संलग्न किया गया है. वकील ने यह भी कहा है कि मामले में मीडिया ने झूठी कहानी प्रस्तुत की है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वसंत कुंज (उत्तर) थाना के एसएचओ को लिखे एक पत्र में वकील ने कहा कि उम्र, उसके पाठ्यक्रम और आरोपी अनमोल रतन के संपर्क में वह कैसे आयी सहित शिकायतकर्ता के बारे में सूचना लीक करना 'भारतीय दंड संहिता की धारा 228 ए के तहत कानून और संविधान का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन है.'
यह पत्र दिल्ली पुलिस आयुक्त, डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल और जेएनयू एवं दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी को भी संलग्न किया गया है. वकील ने यह भी कहा है कि मामले में मीडिया ने झूठी कहानी प्रस्तुत की है.
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