कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित संबोधन को लेकर शुक्रवार को उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह ऐसे समय जलवायु परिवर्तन पर बात करेंगे, जब उनकी सरकार भारत में पर्यावरण और वन संबंधी कानूनों को कमजोर कर रही है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री ग्लासगो में दुनिया को जलवायु परिवर्तन पर ज्ञान देंगे. परंतु यहां पर उनकी सरकार पर्यावरण और वन संबंधी कानूनों को कमजोर कर रही है, संस्थाओं को कमजोर कर रही है और सामाजिक संगठनों पर नियंत्रण कर रही है.''
पूर्व पर्यावरण मंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘अधिकतम पाखंड, न्यूनतम लोकतंत्र.'' केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिटेन में जलवायु परिवर्तन पर होने वाले संयुक्त राष्ट्र के 26वें सम्मेलन (सीओपी26) का केंद्रबिन्दु जलवायु वित्त होगा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसमें शामिल होंगे.
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ग्लासगो में 31 अक्टूबर से 12 नवंबर तक होने वाले अंतरराष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन से पहले मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि वैश्विक जलवायु चुनौती से निपटने के लिए किस देश को कितनी वित्तीय सहायता मिलेगी.
रमेश ने टीकाकरण की खुराक की संख्या के 100 करोड़ के पार कर जाने के बाद देश के नाम प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को लेकर भी उन पर निशाना साधा और कहा कि वह उन लोगों को भूल गए, जो केंद्र सरकार की विफलताओं के करण प्रभावित हुए और उनके प्रियजन की जान गई या फिर उनकी जीविका चली गई. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘झूठ के जगदगुरू ने आज इतिहास के पुनर्लेखन, तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने, वास्तविकता को विकृत करने में महारत हासिल कर ली. उन्होंने निरर्थक तुलनाओं के साथ अपनी पीठ थपथपाई.''
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