इजरायल दूतावास ब्लास्ट केस: 'आंशिक सच' बोल रहे हैं आरोपी, मनोविश्लेषण टेस्ट से पता चला

सूत्रों के मुताबिक, ब्लास्ट के समय सभी आरोपियों के फोन स्विच ऑफ हो गए और ब्लास्ट के बाद सभी दिल्ली से चले गए. ये छात्र सोशल मीडिया पर एक्टिव थे.

इजरायल दूतावास ब्लास्ट केस: 'आंशिक सच' बोल रहे हैं आरोपी, मनोविश्लेषण टेस्ट से पता चला

इजरायली दूतावास के बाहर हुए धमाके मामले में एनआईए भी कर रही जांच (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित इजरायल दूतावास में विस्फोट (Israel Embassy Blast Case) के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एम्स के डॉक्टरों से मनोविश्लेषण परीक्षण (Pyschoanalysis Test) रिपोर्ट प्राप्त की. सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में पाया गया है कि जहां तक एंबेसी ब्लास्ट में भूमिका की बात है, दो आरोपी 'आंशिक सच' बोल रहे हैं. इस सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने कारगिल से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया था. चारों पर यह टेस्ट एम्स दिल्ली में हुआ. 29 जनवरी को इजरायली दूतावास के बाहर हुए धमाके मामले में एनआईए भी जांच कर रही है. 

सूत्रों के मुताबिक, ब्लास्ट के समय सभी आरोपियों के फोन स्विच ऑफ हो गए और ब्लास्ट के बाद सभी दिल्ली से चले गए. ये छात्र सोशल मीडिया पर एक्टिव थे और फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष पर टिप्पणी कर रहे थे. इस रिपोर्ट के अलावा स्पेशल सेल के पास इन आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं. 

पिछले महीने के अंत में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कारगिल से 4 संदिग्धों को दिल्ली में आतंकी धमाकों की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया. सूत्रों के मुताबिक, इनके खिलाफ कुछ ऐसे सबूत मिले हैं जिससे ऐसा लगता है कि ये लोग इजरायल दूतावास धमाके में शामिल रहे हैं.

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गिरफ्तार संदिग्धों में 26 साल का नाज़िर हुसैन, 25 साल का जुल्फिकार अली वज़ीर, 25 साल का मुज़म्मिल हुसैन और 28 साल का अयाज़ हुसैन शामिल हैं. सभी कारगिल जिले के थांग गांव के रहने वाले हैं. सूत्रों की मानें तो पुलिस ने इन सभी को साज़िश को लेकर दर्ज हुई एक ओपन एफआईआर में गिरफ्तार किया और इन सभी को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया था.


वीडियो: इजरायली दूतावास के बाहर धमाके में शक की सुई ईरानी संदिग्धों पर

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