अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी देश पर हमले के लिए न हो, भारत की अगुवाई में सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पारित

यूएनएससी के प्रस्ताव में मांग की गई है कि अफगानिस्तान के क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी देश को धमकी देने या आतंकवादियों को पनाह देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए

अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी देश पर हमले के लिए न हो, भारत की अगुवाई में सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पारित

UNSC की अध्यक्षता कर रहा है भारत, अफगानिस्तान को लेकर आया प्रस्ताव (प्रतीकात्मक)

नई दिल्ली:

UNSC resolution on Afghanistan : भारत की अगुवाई में सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पारित किया गया है, जिसमें कहा गया है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी देश पर हमले के लिए न हो. इसे भारत, अमेरिका और अन्य मित्र देशों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है.अफगानिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव में युद्धग्रस्त देश पर तालिबान के कब्जे के बाद उससे जुड़ी भारत की प्रमुख चिंताओं को शामिल किया गया है. इस मामले की जानकारी रखने वाले व्यक्तियों ने मंगलवार को यह बताया. इसमें बताया गया कि यूएनएससी प्रस्ताव 2593 (UN Security Council resolution on Afghanistan) ‘‘इस समय'' अफगानिस्तान से संबंधित भारत की प्रमुख चिंताओं को संबोधित करता है. उन्होंने कहा कि भारत ने इसे पारित किया जाना सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाई.

उन्होंने कहा कि भारत पिछले कुछ दिनों से इस मामले पर यूएनएससी के प्रमुख सदस्यों के साथ लगातार संपर्क में था और विदेश मंत्री एस जयशंकर की अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान भी इस मामले पर बात की गई थी.भारत की अध्यक्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें मांग की गई है कि अफगानिस्तान के क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी देश को धमकी देने या आतंकवादियों को पनाह देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए.

प्रस्ताव में आशा जताई गई है कि तालिबान अफगान और सभी विदेशी नागरिकों के देश से सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से जाने देने के संबंध में उसके द्वारा जताई गई प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा. सुरक्षा परिषद में मंगलवार को भारत की अध्यक्षता में यह प्रस्ताव पारित कराया गया. इस प्रस्ताव को लेकर सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के बीच तीखे मतभेद उभरे. अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस एक ओर तो चीन और रूस दूसरी तरफ नजर आए.

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हालांकि चीन या रूस ने प्रस्ताव (UNSC Resolution 2593) पर वीटो नहीं किया और उनकी गैरहाजिरी में यह प्रस्ताव पारित हो गया. भारत ने कहा है कि अफगानिस्तान को लेकर उसकी चिंताओं से जुड़ा प्रस्ताव पारित होना संतोषजनक है. यूएन प्रस्ताव में कहा गया है कि तालिबान अफगानिस्तान की जमीन पर किसी आतंकी संगठन को फलने-फूलने न देने की अपनी प्रतिबद्धता पर खरा उतरे. इसमें तालिबान से देश छोड़ने की चाह रखने वाले अफगान नागरिकों की मदद करने की अपील भी की गई



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)