दिल्ली पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन का टेक एक्सपर्ट कहे जाने वाले संदिग्ध आतंकी एजाज शेख को पकड़ने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक शेख आतंकियों को पैसों और सिम कार्ड दिलाने में मदद किया करता था। इसके साथ ही उस पर कई धमाकों में शामिल होने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, एजाज शुरुआत से ही इंडियन मुजाहिदीन में सक्रिय है, लेकिन अब तक जितने भी आतंकी पकड़े गए किसी ने भी उसका नाम नहीं बताया, इसीलिए वह बचता रहा। उसकी जानकारी पुलिस को करीब 6 महीने पहले मिली।
पुलिस के मुताबिक 2008 में आईएम में शामिल सॉफ्टवेयर इंजीनियर पीरभॉय की गिरफ्तारी के बाद संचार और सूचनाओं से जुड़ी जानकारी एजाज ने संभाल ली।
पुलिस का कहना है कि वह पाकिस्तान में बैठे रियाज भटकल और मोहसिन चौधरी के सीधे संपर्क में था। एजाज मौहसिन चौधरी का साला है।
पुलिस के मुताबिक एजाज कई आंतकी घटनाओं में उनकी भूमिका रही है, जिनमें फरवरी 2010 में जर्मन बेकरी धमाके में यासीन भटकल को सिमकार्ड, फर्जी पहचान पत्र और ठिकाना एवं टारगेट मुहैया करवाने में मदद की। सितंबर 2010 में दिल्ली के जामा मस्जिद की आतंकी घटना के बाद उसने मोबाइल से ईमेल भेजकर धमाके की जिम्मेदारी ली, 2010 के ही बनारस के शीतला घाट धमाके के बाद भी उसने ईमेल भेजा।
पुलिस का कहना है कि एजाज ने हवाला के जरिए आईएम के कई आतंकियों जैसे असदुल्ला अख्तर, यासीन भटकल और वकास को धमाकों को अंजाम देने के लिए पैसे मुहैया करवाए। जब यासीन भटकल को पुलिस मंबई लेकर पहुंची, तब 6 महीने के लिए एजाज नेपाल भाग गया था। उसने पुणे में एक बीपीओ में भी लंबे समय तक नौकरी की है। पुलिस ने एजाज के पास से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और सेटेलाइट फोन भी बरामद किया है।
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