एक दिन भारत के पास समूचा कश्मीर होगा : पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख

यह पूछे जाने पर कि क्या बल की पीओके पर कब्जा करने की कोई योजना है, एयर मार्शल देव ने कहा कि फिलहाल कोई योजना नहीं है.

एक दिन भारत के पास समूचा कश्मीर होगा : पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख

Budgam Anniversary: पीओके पर पूछे गए सवाल पर एयर मार्शल अमित देव ने कहा फिलहाल कोई योजना नहीं.

श्रीनगर:

भारतीय वायुसेना के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को कहा कि कश्मीर के, पाकिस्तान के कब्जे वाले हिस्से (पीओके) पर कब्जा करने की ‘‘फिलहाल'' कोई योजना नहीं है, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन भारत के पास ‘‘पूरा कश्मीर'' होगा. भारतीय सैनिकों के बडगाम पहुंचने (लैंडिंग) की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर यहां एक कार्यक्रम में पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (एओसी-इन-सी), एयर मार्शल अमित देव ने पत्रकारों से कहा कि पीओके में लोगों के साथ पाकिस्तानियों द्वारा उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है.

हमारे पास पूरा कश्मीर होगा 
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय वायुसेना और सेना द्वारा (27 अक्टूबर, 1947 को) की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप कश्मीर के इस हिस्से की स्वतंत्रता सुनिश्चित हुई. मुझे यकीन है कि किसी दिन कश्मीर का, पाकिस्तान के कब्जे वाला हिस्सा भी, कश्मीर के इस हिस्से में शामिल हो जाएगा और आने वाले वर्षों में हमारे पास पूरा कश्मीर होगा.''

इतिहास गवाह है कि राष्ट्र एक साथ आते हैं
हालांकि, यह पूछे जाने पर कि क्या बल की पीओके पर कब्जा करने की कोई योजना है, एयर मार्शल देव ने कहा कि फिलहाल कोई योजना नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘(संपूर्ण) कश्मीर एक है, राष्ट्र एक है. दोनों ओर के लोगों में समान लगाव है. आज हो या कल, इतिहास गवाह है कि राष्ट्र एक साथ आते हैं. फिलहाल हमारे पास कोई योजना नहीं है, लेकिन ईश्वर की इच्छा है, ऐसा होकर रहेगा क्योंकि कश्मीर के पाकिस्तान के कब्जे वाले हिस्से में लोगों के साथ पाकिस्तानियों द्वारा बहुत उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है.''


1947 में भारतीय सैनिक कश्मीर पहुंचे थे
तत्कालीन महाराजा हरि सिंह द्वारा पाकिस्तानी कबायली छापेमारी के बाद भारत के साथ विलय के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के एक दिन बाद 27 अक्टूबर, 1947 को भारतीय सैनिक कश्मीर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन बुनियादी चुनौतियों में से एक तकनीक है. उन्होंने कहा, ‘‘तकनीक के बदलाव की दर आज दुनिया में इतनी तेज है कि हमें उसके साथ तालमेल बिठाना होगा. अगर किसी देश को आर्थिक रूप से विकसित होना है तो उसके पास एक मजबूत सेना होनी चाहिए, हमें आने वाले वर्षों में राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को पूरा करना चाहिए और हम हमेशा चुनौती के लिए तैयार हैं.''

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ड्रोन चुनौती एक छोटी सी चुनौती है
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय वायुसेना एक बहुत ही सक्षम बल बन गया है और आने वाले वर्षों में, हम सम्मान के साथ राष्ट्र की सेवा करना जारी रखेंगे.'' ड्रोन हमलों के बारे में पूछे जाने पर, एयर मार्शल देव ने कहा कि वे केवल कम से कम नुकसान पहुंचा सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास इसके (ड्रोन हमलों) खिलाफ उपकरण तैयार थे और इसे यहां भी तैनात किया गया था. अब हम और उपकरण खरीद कर तैनाती बढ़ा रहे हैं. ड्रोन चुनौती एक छोटी सी चुनौती है और जब भी यह चुनौती सामने आएगी, हम उस चुनौती से निपटने में सक्षम होंगे.'' उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों के बडगाम में प्रवेश के 75 साल पूरे होने का जश्न एक ऐतिहासिक अवसर है.



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)