नई दिल्ली:
भारत परमाणु हथियारों से लैस पांच हजार किलोमीटर से अधिक दूरी तक मार करने में सक्षम अपनी अग्नि-पांच मिसाइल का पहला परीक्षण मार्च के अंतिम सप्ताह अथवा अप्रैल की शुरुआत में कर सकता है। इस परीक्षण के साथ ही भारत विशेष देशों के श्रेणी में शामिल हो जाएगा।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष वीके सारस्वत ने कहा, "अग्नि पांच मिसाइल का पहला परीक्षण मार्च के अंतिम सप्ताह अथवा अप्रैल की शुरुआत में प्रस्तावित है। मिसाइल का परीक्षण ओडिशा तट से दूर ह्वीलर द्वीप से किया जाएगा।"
सारस्वत डीआरडीओ की एक प्रयोगशाला से तैयार व्यावसायिक उत्पादों के लिए एक परियोजना के उद्घाटन समारोह से इतर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पहले परीक्षण के बाद अग्नि पांच की अभियानगत तैनाती को ध्यान में रखते हुए डीआरडीओ अगले वर्ष इस मिसाइल का परीक्षण जारी रखेगा।
सारस्वत ने कहा, "संगठन इस कार्यक्रम पर पिछले दो वर्ष से काम कर रहा है। इस मिसाइल का परीक्षण एक साल और किया जाएगा।"
उल्लेखनीय है कि भारत ने पिछले साल नवंबर में 3500 किलोमीटर की दूरी तक मार करने में सक्षम अपनी अग्नि चार मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था। उस समय सारस्वत ने कहा था कि वर्ष 2012 की शुरुआत में अग्नि पांच मिसाइल का परीक्षण किया जाएगा।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष वीके सारस्वत ने कहा, "अग्नि पांच मिसाइल का पहला परीक्षण मार्च के अंतिम सप्ताह अथवा अप्रैल की शुरुआत में प्रस्तावित है। मिसाइल का परीक्षण ओडिशा तट से दूर ह्वीलर द्वीप से किया जाएगा।"
सारस्वत डीआरडीओ की एक प्रयोगशाला से तैयार व्यावसायिक उत्पादों के लिए एक परियोजना के उद्घाटन समारोह से इतर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पहले परीक्षण के बाद अग्नि पांच की अभियानगत तैनाती को ध्यान में रखते हुए डीआरडीओ अगले वर्ष इस मिसाइल का परीक्षण जारी रखेगा।
सारस्वत ने कहा, "संगठन इस कार्यक्रम पर पिछले दो वर्ष से काम कर रहा है। इस मिसाइल का परीक्षण एक साल और किया जाएगा।"
उल्लेखनीय है कि भारत ने पिछले साल नवंबर में 3500 किलोमीटर की दूरी तक मार करने में सक्षम अपनी अग्नि चार मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था। उस समय सारस्वत ने कहा था कि वर्ष 2012 की शुरुआत में अग्नि पांच मिसाइल का परीक्षण किया जाएगा।