
भारत ने स्वदेश में पूरी तरह निर्मित हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमोन्स्ट्रेटर व्हीकल (HSTDV) का सोमवार को सफल परीक्षण किया. अधिकारियों के मुताबिक, यह देश के भविष्य के मिसाइल सिस्टम और एरियल प्लेटफॉर्म के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित होगा. इसके साथ ही भारत उन देशों के चुनिंदा समूह में शामिल हो गया है जिनके पास अगली पीढ़ी की हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकसित करने की क्षमता है.एचएसटीडीवी को डीआरडीओ ने विकसित किया है जो लंबी दूरी तक मार करने वाली क्रूज मिसाइलों और हवाई रक्षा प्रणाली जैसे भविष्य के उपकरण विकसित करने में भारत की मदद करेगा.अधिकारियों के मुताबिक एचएसटीडीवी मिसाइलों को लगभग 6 मैक या ध्वनि की गति से छह गुना अधिक रफ्तार प्रदान करने में सक्षम है.अमेरिका, रूस और चीन जैसे कुछ देशों के पास ही यह टेक्नोलॉजी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर डीआरडीओ को बधाई है. पीएम ने एचएसटीडीवी के सफल प्रायोगिक उड़ान परीक्षण के लिए डीआरडीओ को बधाई दी और कहा कि ऐसी क्षमता बहुत कम देशों के पास ही है. मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी निदर्शक यान के आज सफल उड़ान के लिए डीआरडीओ को बधाई. हमारे वैज्ञानिकों द्वारा विकसित स्क्रैमजेट इंजन ने उड़ान को ध्वनि की गति से छह गुना अधिक रफ्तार प्रदान करने में सक्षम बनाया है. बहुत कम देशों के पास आज इस प्रकार की क्षमता है.''
Congratulations to @DRDO_India for successful flight of the Hypersonic Test Demonstration Vehicle today. The scramjet engine developed by our scientists helped the flight achieve a speed 6 times the speed of sound! Very few countries have such capability today.
— Narendra Modi (@narendramodi) September 7, 2020
राजनाथ ने बैठक में चीन के रक्षामंत्री से कहा- 'शांति बहाली के लिए बातचीत जारी रखनी चाहिए'
I congratulate to DRDO on this landmark achievement towards realising PM's vision of Atmanirbhar Bharat. I spoke to the scientists associated with the project and congratulated them on this great achievement. India is proud of them.
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) September 7, 2020
रक्षा मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा, 'मैं डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को प्रधानमंत्रीजी के आत्मनिर्भर भारत की दिेशा में हासिल की गई महत्वपपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई देता हूं. मेरी इस प्रोजेक्स से जुड़े वैज्ञानिों से बात हुई है और मैंने इस बड़ी उपलब्धि पर उन्हें बधा दी है.भारत को उन पर गर्व है.'
This IS the future - Speeds of Mach 6 managed ... An Indian cruise missile based on this hypersonic technology successfully tested today can defeat any known Chinese Surface to Air Missile defence system. pic.twitter.com/Xg8V7XFP2b
— Vishnu Som (@VishnuNDTV) September 7, 2020
डीआरडीओ के एक अधिकारी के अनुसार, HSTDV की इस सफल परीक्षण उड़ान के साथ भारत ने अत्यधिक जटिल टेक्नोलॉजी के लिए अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है जो भविष्य में घरेलू रक्षा उद्योग के साथ अगली पीढ़ी के हाइपरसोनिक व्हीकल की दिशा में अहम साबित होगी.
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