
भारत सरकार ने जैश-ए-मुहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर को मुजफ्फराबाद में एक रैली संबोधित करने की छूट दिए जाने पर शुक्रवार को चिंता जाहिर की है। सरकार ने कहा है कि प्रतिबंधित संगठन के सरगना मसूद को भारत के खिलाफ जहर उगलने की छूट दी गई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि अजहर एक आतंकवादी संगठन का सरगना है, जो न केवल भारत द्वारा प्रतिबंधित है, बल्कि अमेरिका और पाकिस्तान ने भी उस पर प्रतिबंध लगाए हैं।
अकबरुद्दीन ने कहा, 'हमारे लिए चिंता की बात यह है कि एक प्रतिबंधित आतंकवादी को भारत के खिलाफ जहर उगलने की छूट है।'
अजहर को भारतीय संसद पर 2001 में हुए हमले का मास्टर माइंड माना जाता है।
पाकिस्तान के एक समाचार पत्र ने इस महीने की शुरुआत में एक रिपोर्ट छापी थी, जिसके अनुसार अजहर ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में टेलीफोन के जरिए एक रैली को संबोधित किया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रतिबंधित संगठन के सरगना की इन वर्षों के दौरान यह पहली सार्वजनिक उपस्थित थी और इसने आतंकवाद के प्रति राज्य की नीति पर सवाल खड़े किए हैं।
रैली का आयोजन एक तरह से अफजल गुरु द्वारा लिखी एक किताब को जारी करने के लिए किया गया था। संसद पर हमले के दोषी अफजल को फांसी दी जा चुकी है।
मसूद अजहर ने, दिसंबर 1999 में इंडियन एयरलाइंस के एक अगवा विमान के यात्रियों की रिहाई के बदले भारत सरकार द्वारा जेल से रिहा किए जाने के बाद जैश की स्थापना की थी।
इस संगठन को परवेज मुशर्रफ की सैन्य सरकार ने संसद हमले के बाद प्रतिबंधित कर दिया था। लेकिन प्रतिबंध के बावजूद मसूद को कभी हिरासत में नहीं लिया गया।
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