
चेन्नई:
आईआईटी मद्रास ने अधिकारियों और अंबेडकर पेरियार स्टडी सर्किल के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद इस छात्र समूह की मान्यता रद्द करने का अपना फैसला वापस ले लिया।
कुछ दिनों पहले आईआईटी मद्रास के करीब 20 छात्रों के समूह अंबेडकर पेरियार स्टडी सर्किल (एपीएससी), की मान्यता रद्द कर दी गई थी और उनसे कहा गया था वे संस्थान के ऑडीटोरियम और नोटिस बोर्ड इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
संस्थान का कहना था कि यह समूह बिना पूर्व अनुमति के आईआईटी का नाम इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि छात्र समूह का आरोप था कि पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र की नीतियों की आलोचना करने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया है।
आईआईटी मद्रास की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि छात्रों के डीन ने एपीएससी की एक स्वतंत्र छात्र निकाय के रूप में मान्यता को बहाल कर दिया और एपीएससी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद प्रोफेसर मिलिंद ब्रह्मे को फैकल्टी सलाहकार के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की।
इसमें कहा गया है कि प्रोफेसर ब्रह्मे एपीएससी को स्वतंत्र छात्र निकाय के लिए दिशानिर्देशों के अनुसार जरूरी सलाह देने के लिए सहमत हो गए हैं।
आईआईटी मद्रास उस समय विवाद के घेरे में आ गया था जब उसने एपीएससी की मान्यता समाप्त कर दी थी। उसे शिकायत मिली थी कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचक है। इस निकाय के सदस्य दलित हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि एपीएससी और डीन ने संतोष जताया है कि मामला 'खत्म हो गया है।' (एजेंसी इनपुट के साथ)
कुछ दिनों पहले आईआईटी मद्रास के करीब 20 छात्रों के समूह अंबेडकर पेरियार स्टडी सर्किल (एपीएससी), की मान्यता रद्द कर दी गई थी और उनसे कहा गया था वे संस्थान के ऑडीटोरियम और नोटिस बोर्ड इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
संस्थान का कहना था कि यह समूह बिना पूर्व अनुमति के आईआईटी का नाम इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि छात्र समूह का आरोप था कि पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र की नीतियों की आलोचना करने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया है।
आईआईटी मद्रास की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि छात्रों के डीन ने एपीएससी की एक स्वतंत्र छात्र निकाय के रूप में मान्यता को बहाल कर दिया और एपीएससी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद प्रोफेसर मिलिंद ब्रह्मे को फैकल्टी सलाहकार के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की।
इसमें कहा गया है कि प्रोफेसर ब्रह्मे एपीएससी को स्वतंत्र छात्र निकाय के लिए दिशानिर्देशों के अनुसार जरूरी सलाह देने के लिए सहमत हो गए हैं।
आईआईटी मद्रास उस समय विवाद के घेरे में आ गया था जब उसने एपीएससी की मान्यता समाप्त कर दी थी। उसे शिकायत मिली थी कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचक है। इस निकाय के सदस्य दलित हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि एपीएससी और डीन ने संतोष जताया है कि मामला 'खत्म हो गया है।' (एजेंसी इनपुट के साथ)
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