अगर हमें केंद्र से हर दिन 700 टन ऑक्सीजन मिले तो किसी को इसकी कमी से मरने नहीं देंगे : केजरीवाल

दिल्ली में कोरोना के हालात को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि दिल्ली को 700 टन ऑक्सीजन रोज़ाना की ज़रूरत है लेकिन दिल्ली को कम मिल रही थी.

अगर हमें केंद्र से हर दिन 700 टन ऑक्सीजन मिले तो किसी को इसकी कमी से मरने नहीं देंगे : केजरीवाल

नई दिल्ली:

दिल्ली (Delhi) में कोरोना (Corona) के हालात को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Chief Minister Arvind Kejriwal) ने गुरुवार को डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि दिल्ली को 700 टन ऑक्सीजन रोज़ाना की ज़रूरत है लेकिन दिल्ली को कम मिल रही थी. इसके बाद मीडिया में आ रहा था कि ऑक्सीजन खत्म हो रही है और मरीजों की मौत हो सकती है. बुधवार को पहली बार 730 टन ऑक्सीजन केंद्र सरकार ने भेजी है जिसका हम तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं. मैं केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का शुक्रिया अदा करता हूं. बहुत सारी जान इसकी वजह से बच पाएंगी.

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सीएम केजरीवाल ने कहा कि लेकिन एक दिन 700 टन ऑक्सीजन आने से काम नहीं चलेगा. जब तक कोरोना की वेव कम नहीं हो जाती इसको लगातार रोज़ाना 700 टन बनाये रखना होगा. इसके लिए दिल्ली के लोग हमेशा शुक्रगुजार रहेंगे ऋणी रहेंगे. दिल्ली के अंदर जब ऑक्सीजन की कमी हुई तो अस्पतालों ने बेड कम कर दिए. एक बहुत बड़ा अस्पताल है जिसमें 300 बेड हैं उसने 100 बेड कम कर दिए. ऐसे समय में अस्पताल अपने बेड कम कर देंगे तो इससे तो और हालत खराब हो जाएगी. उन्होंने कहा कि हमें बहुत सारे अस्पतालों में बेड कम करने पड़े. सभी अस्पतालों से निवेदन है कि जिन्होंने अपने वेलकम किए थे वह वापस बढ़ा लें क्योंकि उम्मीद है कि हम को रोजाना 700 टन ऑक्सीजन मिलेगी. 

सीएम केजरीवाल के प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें...


-कहीं अस्पतालों ने मुझे कहा कि अगर आप हम को समुचित ऑक्सीजन दिलवा दें तो हम और बेड बढ़ा देंगे
- 1000-2000 बेड्स हमारे यहां और बढ़ सकते हैं अगर ऑक्सीजन मिल जाए तो. 
- मैं उम्मीद करता हूं कि अब जब रोजाना 700 टन ऑक्सीजन रोजाना आएगी तो अस्पताल अपनी पूरी क्षमता पर बेड रखेंगे जिससे ज्यादा से ज्यादा मरीजों को दाखिला दिया जा सके. 
- अगले कुछ दिनों में हमने प्लानिंग की हुई है कि अगर 700 टन ऑक्सीजन रोजाना आ जाती है तो हम दिल्ली में बहुत सारे ऑक्सीजन बेड बना देंगे.
- 9000 बेड हम तुरंत तैयार कर सकते हैं अगर हमें रोजाना 700 टन ऑक्सीजन रोजाना मिलने लग जाए.  अगर इतनी ऑक्सीजन होता ना मिल जाए तो मैं यकीन दिलाता हूं कि किसी भी व्यक्ति की दिल्ली में ऑक्सीजन की वजह से मौत नहीं होगी.
- जब से 18 से 44 साल के लोगों के लिए हमने टीकाकरण शुरू किया है तब से लोगों में बहुत उत्साह है टीका लगवाने के लिए.

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ऑक्‍सीजन संकट: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'दिल्ली में ऑक्सीजन की दहशत नहीं होनी चाहिए', 10 खास बातें
- दिल्ली सरकार ने टीकाकरण के लिए जो व्यवस्था की है उससे लोग बहुत खुश हैं
- सभी 18 साल से ऊपर के लोगों से अपील है कि वह टीका जरूर लगवाएं
-अपने ज्यादा से ज्यादा दोस्तों को बताइए और टीका लगाइए
-  दिल्ली में अभी 35.74 लाख वैक्सीन डोज़ दे चुके हैं, 7.76 लाख लोगों ने दोनों डोज़ ली है.
- 1.3 लाख लोगों को 18-44 की श्रेणी में वैक्सीन लगी है.
- टीकाकरण कार्यक्रम को हम कहीं गुना और बड़ा कर सकते हैं लेकिन अभी वैक्सीन की सप्लाई की कमी हो रही है.
- अगर हमें वैक्सीन की समुचित सप्लाई मिल जाए तो हम 3 महीने में पूरी दिल्ली को टीका लगा देंगे.
-टीकाकरण केंद्र खोलने में कोई दिक्कत नहीं है बस हमें वैक्सीन की सप्लाई मिल जाए.