
हार्दिक पटेल के समर्थों ने की मारपीट
नई दिल्ली:
अहमदाबाद अपराध शाखा द्वारा देशद्रोह के एक पुराने मामले में हार्दिक पटेल के करीबी साथी पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता अल्पेश कठेरिया को गिरफ्तार करने के विरोध में भीड़ ने सूरत में जकर बवाल काटा. रविवार देर शाम हुए इस बवाल में गिरफ्तारी का विरोध कर रहे लोगों ने सूरत में बीआरटीएस की एक बस फूंक दी और एक बस स्टैंड पर तोड़फोड़ की जिससे शहर में तनाव पैदा हो गया. योगी चौक इलाके में बस को आग लगाई गई और वरच्छा इलाके में बस स्टैंड पर तोड़फोड़ की गई. भीड़ ने सड़कों पर टायर भी फूंके और पथराव किया.खास बात यह है कि कठेरिया को अहमदाबाद में अपराध शाखा ने उस समय गिरफ्तार किया जब वह सांकेतिक उपवास पर बैठने जा रहे थे.
यह भी पढ़ें: अहमदाबाद : अनशन से पहले हार्दिक पटेल और उनके समर्थक हिरासत में
सूरत पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है. गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब हार्दिक पटेल के समर्थकों ने कुछ ऐसा किया हो. पहले भी कई बार वह ऐसा कर चुके हैं. इसे लेकर कई बार हार्दिक पटेल को अदालत तक के चक्कर भी काटने पड़े. ऐसे ही एक मामले मे कुछ समय पहले ही हार्दिक पटेल को कोर्ट से राहत मिली है.
VIDEO: हार्दिक पटेल को मिली दो साल की जेल की सजा.
उस दौरान पाटीदार अनामत आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने कहा था कि 'सच, किसानों, युवाओं और गरीबों' के लिए लड़ने वाली उनकी आवाज को भाजपा की 'हिटलरशाही' नहीं दबा पाएगी. दंगा फैलाने के एक मामले में उन्हें दो वर्ष की जेल की सजा सुनाये जाने के तुरंत बाद उन्होंने यह बात कही. गुजरात के मेहसाणा जिले के विसनगर की एक सत्र अदालत के न्यायाधीश वीपी अग्रवाल ने हार्दिक पटेल और उनके दो साथियों लालजी पटेल और एके पटेल को दंगा भड़काने, आगजनी करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने के मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया. उन तीनों को उसी अदालत से जमानत मिल गई. (इनपुट भाषा से)
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सूरत पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है. गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब हार्दिक पटेल के समर्थकों ने कुछ ऐसा किया हो. पहले भी कई बार वह ऐसा कर चुके हैं. इसे लेकर कई बार हार्दिक पटेल को अदालत तक के चक्कर भी काटने पड़े. ऐसे ही एक मामले मे कुछ समय पहले ही हार्दिक पटेल को कोर्ट से राहत मिली है.
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उस दौरान पाटीदार अनामत आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने कहा था कि 'सच, किसानों, युवाओं और गरीबों' के लिए लड़ने वाली उनकी आवाज को भाजपा की 'हिटलरशाही' नहीं दबा पाएगी. दंगा फैलाने के एक मामले में उन्हें दो वर्ष की जेल की सजा सुनाये जाने के तुरंत बाद उन्होंने यह बात कही. गुजरात के मेहसाणा जिले के विसनगर की एक सत्र अदालत के न्यायाधीश वीपी अग्रवाल ने हार्दिक पटेल और उनके दो साथियों लालजी पटेल और एके पटेल को दंगा भड़काने, आगजनी करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने के मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया. उन तीनों को उसी अदालत से जमानत मिल गई. (इनपुट भाषा से)
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