
नई दिल्ली:
वन रैंक-वन पेंशन की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे पूर्व सैनिकों के लिए अच्छी खबर है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व सैनिकों की इस लंबित मांग पर बुधवार को पीएमओ की ओर से स्पष्ट संकेत दिए जा सकते हैं।
वहीं सूत्र बता रहे हैं कि 28 तारीख को 1965 के भारत-पाक युद्ध की जीत की वर्षगांठ के मौके पर घोषणा की जा सकती है।
सूत्रों की मानें तो खुद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने अनशनरत पूर्व सैनिकों को इस बाबत आश्वासन दिया है।
उधर, पिछले 10 दिनों से अनशन पर बैठे हवलदार मेजर सिंह की हालत बिगड़ गई है। वह अस्पताल जाने को तैयार नहीं है। हालांकि उन्हें अस्पताल जाने के लिए पूर्व सैनिक मना रहे हैं, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि जब तक सरकार वन रैंक-वन पेंशन को लागू नहीं करती, वह तब तक अनशन नहीं तोड़ेंगे। कर्नल पुष्पेंद्र की बेटी भी उन्हें समझाने में लगी हुई हैं।
उनसे पहले अनशन पर बैठे कर्नल पुष्पेंद्र की हालत भी बिगड़ गई थी, जिसके बाद आज उन्हें सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि अब उनकी हालत ठीक है।
वहीं सूत्र बता रहे हैं कि 28 तारीख को 1965 के भारत-पाक युद्ध की जीत की वर्षगांठ के मौके पर घोषणा की जा सकती है।
सूत्रों की मानें तो खुद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने अनशनरत पूर्व सैनिकों को इस बाबत आश्वासन दिया है।
उधर, पिछले 10 दिनों से अनशन पर बैठे हवलदार मेजर सिंह की हालत बिगड़ गई है। वह अस्पताल जाने को तैयार नहीं है। हालांकि उन्हें अस्पताल जाने के लिए पूर्व सैनिक मना रहे हैं, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि जब तक सरकार वन रैंक-वन पेंशन को लागू नहीं करती, वह तब तक अनशन नहीं तोड़ेंगे। कर्नल पुष्पेंद्र की बेटी भी उन्हें समझाने में लगी हुई हैं।
उनसे पहले अनशन पर बैठे कर्नल पुष्पेंद्र की हालत भी बिगड़ गई थी, जिसके बाद आज उन्हें सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि अब उनकी हालत ठीक है।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
वन रैंक-वन पेंशन, पूर्व सैनिक, पूर्व सैनिकों का अनशन, जंतर-मंतर, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हवलदार मेजर सिंह, मेजर पुष्पेंद्र, One Rank One Pension, Ex Servicemen, Ex Servicemen Hunger-strike, Jantar Mantar, Manohar Parrikar, Defence Minis