
गुड़गांव:
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एक के बाद एक घोटाले उजागर करने वाले अरविंद केजरीवाल के मुद्दे पर पूर्व आर्मी चीफ वीके सिंह ने कटाक्ष करते हुए कहा कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ व देशहित के लिए काम करने वाले हर व्यक्ति के साथ हैं लेकिन अरविन्द केजरीवाल जो लड़ाई लड़ रहे हैं उससे उनका (जनरल सिंह) कोई ताल्लुक नहीं है।
अरविन्द केजरीवाल और उनकी राहें बिलकुल अलग-अलग हैं और उनकी अरविन्द केजरीवाल के साथ कोई बातचीत भी नहीं है। दरअसल जनरल वीके सिंह, गुडगांव के गांव घामडोज में 1971 की लड़ाई में शहीद हुए दो फोजियों की प्रतिमा का अनावरण करने आए थे। यहां पर उन्होंने शहीदों की वीरांगनाओं को भी सम्मानित किया और देशहित की कई बातें तो की लेकिन अरविन्द केजरीवाल के मुद्दे पर कटाक्ष करते नजर आए।
सिंह ने कहा की जहां दूसरे देशो में शहीदों के सम्मान में जगह-जगह स्मारक बने हुए हैं वहीं, गुडगांव में सिर्फ प्रथम विश्व युद्ध के बाद दिल्ली में इंडिया गेट बनाया गया था जिसके बाद आज तक ऐसा कोई समारक नहीं बनाया गया है जिससे देश के शहीदों को सम्मान मिल सके। यही कारण है कि आज युवाओं में फौज के प्रति रुझान कम होता जा रहा है और आज युवा आर्मी में रुचि नहीं दिखाते। साथ ही वन रेंक वन पेंशन का जो मुद्दा उठाया था उसमे भी सरकार ने सैनिकों के साथ छलावा किया है जो कि काफी गलत है।
भ्रष्टाचार व जनलोकपाल के मुद्दे पर अपनी टीम बना सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले अरविन्द केजरीवाल जहां लगातार एक के बाद एक खुलासे कर रहे हैं वहीं, वीके सिंह ने जनहित में काम करने व अरविन्द केजरीवाल से अलग राह चलने की बात कहकर अरविन्द केजरीवाल से किनारा कर लिया है। साथ ही खुद की लोकसभा चुनावों में भागीदारी पर भी सस्पेंस रखा।
अरविन्द केजरीवाल और उनकी राहें बिलकुल अलग-अलग हैं और उनकी अरविन्द केजरीवाल के साथ कोई बातचीत भी नहीं है। दरअसल जनरल वीके सिंह, गुडगांव के गांव घामडोज में 1971 की लड़ाई में शहीद हुए दो फोजियों की प्रतिमा का अनावरण करने आए थे। यहां पर उन्होंने शहीदों की वीरांगनाओं को भी सम्मानित किया और देशहित की कई बातें तो की लेकिन अरविन्द केजरीवाल के मुद्दे पर कटाक्ष करते नजर आए।
सिंह ने कहा की जहां दूसरे देशो में शहीदों के सम्मान में जगह-जगह स्मारक बने हुए हैं वहीं, गुडगांव में सिर्फ प्रथम विश्व युद्ध के बाद दिल्ली में इंडिया गेट बनाया गया था जिसके बाद आज तक ऐसा कोई समारक नहीं बनाया गया है जिससे देश के शहीदों को सम्मान मिल सके। यही कारण है कि आज युवाओं में फौज के प्रति रुझान कम होता जा रहा है और आज युवा आर्मी में रुचि नहीं दिखाते। साथ ही वन रेंक वन पेंशन का जो मुद्दा उठाया था उसमे भी सरकार ने सैनिकों के साथ छलावा किया है जो कि काफी गलत है।
भ्रष्टाचार व जनलोकपाल के मुद्दे पर अपनी टीम बना सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले अरविन्द केजरीवाल जहां लगातार एक के बाद एक खुलासे कर रहे हैं वहीं, वीके सिंह ने जनहित में काम करने व अरविन्द केजरीवाल से अलग राह चलने की बात कहकर अरविन्द केजरीवाल से किनारा कर लिया है। साथ ही खुद की लोकसभा चुनावों में भागीदारी पर भी सस्पेंस रखा।
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