
दिल्ली एसीबी प्रमुख मीणा (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच में तैनात SHO विनय मालिक को हटाकर अचानक ब्रिज मोहन को SHO बना दिया गया। ये आदेश ACB में तैनात जॉइंट कमिश्नर मुकेश मीणा ने दिया है जिसको तुरंत प्रभाव से लागू बताया गया है।
बीते बुधवार को ACB दफ्तर में FIR रजिस्टर को लेकर हुए विवाद के बाद इस तरह का आदेश सवाल खड़े कर रहा है। क्योंकि बताया जाता है जिन 7 इंस्पेक्टर की नियुक्ति ACB में मीणा के साथ ही हुई थी, ये नए SHO उनमे से एक है।
ACB में कोई भी FIR वहां का SHO ही करता है और उसके ही पास FIR रजिस्टर रहता है।
दिल्ली सरकार सूत्रों के मुताबिक़ ये आदेश गैर-कानूनी है क्योंकि ACB का टेक्निकली हेड डायरेक्टर विजिलेंस होता है और कोई भी नियुक्ति करने के लिए उसकी तरफ से फ़ाइल चलनी ज़रूरी होती है जबकि इस आदेश में ऐसा कोई नियम नहीं अपनाया गया।
सोमवार को दिन में दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में मुकेश मीणा की नियुक्ति को चुनौती दी थी लेकिन उसको कोई राहत नहीं मिल पायी थी और अब ऐसे में मीणा का ये आदेश सवाल खड़े कर रहा है कि क्या FIR विवाद के चलते SHO को हटाया गया? क्या दिल्ली हाई कोर्ट से मिली राहत ने मीणा को ऐसा करने का हौंसला दिया?
बीते बुधवार को ACB दफ्तर में FIR रजिस्टर को लेकर हुए विवाद के बाद इस तरह का आदेश सवाल खड़े कर रहा है। क्योंकि बताया जाता है जिन 7 इंस्पेक्टर की नियुक्ति ACB में मीणा के साथ ही हुई थी, ये नए SHO उनमे से एक है।
ACB में कोई भी FIR वहां का SHO ही करता है और उसके ही पास FIR रजिस्टर रहता है।
दिल्ली सरकार सूत्रों के मुताबिक़ ये आदेश गैर-कानूनी है क्योंकि ACB का टेक्निकली हेड डायरेक्टर विजिलेंस होता है और कोई भी नियुक्ति करने के लिए उसकी तरफ से फ़ाइल चलनी ज़रूरी होती है जबकि इस आदेश में ऐसा कोई नियम नहीं अपनाया गया।
सोमवार को दिन में दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में मुकेश मीणा की नियुक्ति को चुनौती दी थी लेकिन उसको कोई राहत नहीं मिल पायी थी और अब ऐसे में मीणा का ये आदेश सवाल खड़े कर रहा है कि क्या FIR विवाद के चलते SHO को हटाया गया? क्या दिल्ली हाई कोर्ट से मिली राहत ने मीणा को ऐसा करने का हौंसला दिया?
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