
किसान कानून (Farm laws) विरोध के मुद्दे पर भारतीय किसान यूनियन (Bhartiya Kisan Union), देश के किसानों के साथ है. इस मामले में शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्गों पर चक्काजाम किया जाएगा. इस मामले पर विचार के लिए भारतीय किसान यूनियन की अहम बैठक आज मुजफ्फरनगर में राकेश टिकैत के आवास पर हुई. इस अवसर पर राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा, 'देश का किसान अपने से जुड़े मामलों का विरोध करने के लिए यदि दिल्ली नही जा सकता तो सरकार उन्हें इस्लामाबाद भेज दें.' उन्होंने कहा कि देश के किसानों (Farmers) का यह दुर्भाग्य है कि आजाद देश मे वह अपनी राजधानी दिल्ली में अपना विरोध करने नही जा सकता है. जिस तरह से सर्दी में किसानों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया गया है वह दुखद है. आज किसान अपना हक कानून के रूप में मांग रहा है.
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राकेश टिकैत ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री कहते है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य रहेगा तो कानून क्यों नही बनाते? प्रधानमंत्री जी की नोटबन्दी से क्या कालाधन समाप्त हुआ या 15 करोड़ किसी को मिले. देश का किसान को अगर यह कानून मंजूर नही तो सरकार क्यों अड़ी है. कानून को तुरंत वापस लेकर किसान हित में समर्थनमूल्य को कानून बनाए.
भारतीय किसान यूनियन शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश मे राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेगी. उन्होंने दोटूक लहजे में कहा, 'इस बार किसान आर पार किये बिना वापस घर पर नही जाएंगे. किसान लंबे समय से आक्रोशित है जिसका नजारा सड़कों पर दिख रहा है. कल 11 बजे से यूपी सहित दूसरे राज्यों में भी सभी राष्ट्रीय राजमार्ग बन्द किए जाएंगे.
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