पेट्रोल-डीजल के बाद अब खाद्य तेलों के दामों में कटौती से लोगों को कुछ राहत मिलती नजर आ रही है. दरअसल, पिछले कुछ दिनों में सरकार ने खाद्य तेलों की कीमतों में कुछ कटौती की है. वहीं बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में फसल बुवाई के बाद कीमतें और हम हो सकती हैं. खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने एनडीटीवी को बताया कि 31 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच देश में खाने-पीने के तेल की कीमतों में ₹7 से ₹20 तक की गिरावट दर्ज हुई है. सरसों तेल भी दिल्ली में पिछले 4 दिनों में ₹6 तक सस्ता हुआ है.
दीवाली पर आम आदमी पर महंगाई की मार, खाद्य तेलों की कीमतों पर नहीं लग रही लगाम
उन्होंने बताया कि सरसों की बुवाई इस साल 12 से 15% तक बढ़ी है. जब यह फसल मार्च में बाजार में पहुंचेगी तो कीमतें और घटेगी. भारत खाने-पीने के तेल का 65 फ़ीसदी विदेशों से आयात करता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाने-पीने के तेल की कीमतों में उथल-पुथल का असर हमारे बाजार पर भी पड़ा है.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
काले कृषि कानूनों का असर दिखेगा 2-4 साल बाद : सरसों के तेल का भाव पूछते हुए बोले लालू यादव
सचिव ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पर कहा कि 80 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त में 5 किलो अनाज देने की योजना को 30 नवंबर 2021 से आगे बढ़ाने का फिलहाल हमारे विभाग में कोई प्रस्ताव तैयार नहीं हुआ है. अर्थव्यवस्था में सुधार और ओएमएसएस नीति के तहत खुले बाजार में खाद्यान्न की अच्छी बिक्री को देखते हुए मुफ्त राशन वितरण को नवंबर से आगे बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं है. इसकी घोषणा मार्च, 2020 में कोविड-19 के कारण उत्पन्न संकट को दूर करने के लिए की गई थी. शुरुआत में यह योजना अप्रैल-जून 2020 की अवधि के लिए शुरू की गई थी, लेकिन बाद में इसे इस साल 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया था.
महंगाई की मार से आम इंसान परेशान, दीवाली से पहले सस्ता नहीं होगा खाद्य तेल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं