Dream-11 बनी IPL की टाइटल स्पॉन्सर, 222 करोड़ में खरीदे अधिकार

चीन की कंपनियों के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई ने विवो (VIVO) को इस साल आईपीएल से निलंबित कर दिया था और मुख्य प्रायोजक के लिए नए सिरे से निविदाएं जारी की थीं.

खास बातें

  • ड्रीम11 ने लगाई सबसे बड़ी बोली
  • पतांजलि को नहीं मिली कामयाबी
  • आईपीएल का आयोजन 19 सितंबर से

मोबाइल फैंटेसी लीग के लिए हालिया समय में मशहूर हुई ड्रीम इलेवन (Dream-11) ने दिग्गज कंपनियों को पछाड़ते हुए कुछ ही दिन बाद यूएई (UAE) में शुरू होने जा रही इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के मुख्य प्रायोजक बनने के अधिकार हासिल कर लिए हैं. ड्रीम इलेवन ने ये अधिकार सबसे ज्यादा 222 करोड़ रुपये की बोली लगाकर हासिल किए. ध्यान दिला दें कि चीन की कंपनियों के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई ने विवो (VIVO) को इस साल आईपीएल से निलंबित कर दिया था और मुख्य प्रायोजक के लिए नए सिरे से निविदाएं जारी की थीं. इसके बाद टाटा एंड संस, ड्रीम 11, बाबा रामदेव की पतंजलि और बाइजू सहित कुल पांच कंपनियां आईपीएल 2020 (IPL 2020) की मुख्य प्रायोजक बनने की होड़ में थीं. सभी यह मानकर चल रहे थे कि बाजी टाटा एंड संस के हाथ लगेगी. वजह  यह थी कि टाटा का कॉर्पोरेट अनुभव अच्छा था, लेकिन ड्रीम इलेवन (Dream-11) ने सभी को हैरान करते हुअए सभी को पछाड़कर अधिकार हासिल कर लिए.वहीं, अन्य कंपनियों की बात करें, तो अनएकेडमी ने 201, टाटा स्पोर्ट्स ने 180 करोड़ रुपेय और बाइजू ने 125 करोड़ रुपये की बोली लगाई. 

जाहिर है कि ड्रीम इलेवन (Dream-11) ने सभी बड़े नामों को पछाड़कर इस साल मुख्य प्रायोजक बननने का गौरव हासिल कर लिया है, लेकिन अगर विवो के साथ तुलना की जाए, तो बीसीसीआई को खासा नुकसान झेलना पड़ेगा. पिछले साल तक विवो प्रत्येक साल के लिए बीसीसीआई को करीब 440 करोड़ रुपये का सालाना भुगतान कर रही थी और उसका बीसीसीआई के साथ पांच साल का करार था.

विवो के हटने के बावजूद  बीसीसीआी उम्मीद कर रह था कि उसे कम से कम यूएई में होने वाले  इस टूर्नामेंट के लिए तीन सौ करोड़ रुपये जरूर मिलेंगे, लेकिन ड्रीम-11 सहित बाकी कंपनियों ने उम्मीद से काफी कम बोली लगाई. बाबा रामदेव की कंपनी पतांजलि को लेकर भी सोशल मीडिय पर जोर-शोर से बहुत ज्यादा चर्चा थी और उनको लेकर तरह-तरह के मीम बनाए जा रहे थे.

शुरुआत में यह चर्चा थी कि पतांजि बाजी मारने में सफल रहेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. बीसीसीआई ने समय कम रहते पिछले तकरीबन दस दिन के भीतर ही सारी प्रक्रिया को अंजाम दिया. अब प्रायोजक मिलने के साथ ही बीबीसीसाई का बड़ा सिरदर्द कम हो गया है और अब टूर्नामेंट की तैयारियों में गति जाएगी. टीमों ने पहले से ही अपने-अपने शिविर लगाने शुरू कर दिए हैं. कुछ ही दिन पहले एमएस धोनी सहित चेन्नई के कुछ खिलाड़ी शिवि में हिस्सा लेने पहुंचे थे.  

VIDEO: कुछ दिन पहले ही विराट ने करियर को लेकर बड़ा ऐलान किया था. 


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