DRDO ने 14 दिनों में ऋषिकेश में तैयार किया 500 बेड वाला कोविड केयर सेंटर, ये हैं खूबियां

DRDO ने उत्तराखंड के ऋषिकेश में कोरोना मरीजों के लिए 500 बिस्तरों वाला कोविड केयर सेंटर शुरू कर दिया है. COVID-19 के खतरनाक हालात में DRDO ने मात्र 14 दिनों में इस कोविड केयर सेंटर को तैयार किया है.

DRDO ने 14 दिनों में ऋषिकेश में तैयार किया 500 बेड वाला कोविड केयर सेंटर, ये हैं खूबियां

DRDO ने ऋषिकेश में 14 दिनों में तैयार किया कोविड केयर सेंटर.

ऋषिकेश:

सरकारी संगठन डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO)  ने उत्तराखंड के ऋषिकेश में कोरोना मरीजों के लिए 500 बिस्तरों वाला कोविड केयर सेंटर शुरू कर दिया है. COVID-19 के खतरनाक हालात में DRDO ने मात्र 14 दिनों में इस कोविड केयर सेंटर को बना दिया. खासकर, ऐसी मुश्किल स्थिति में DRDO ने काम किया जब देश मे लॉकडाउन हो और कई सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल कर काम को अंजाम देना हो. इसके लिए तकनीशियनों सहित 300 कर्मचारियों को रातों-रात जुटाया गया.

सीसीई (आर एंड डी) वेस्ट के जीआई वाधवा के नेतृत्व में डीआरडीओ टीम के नेतृत्व में सिर्फ 14 दिनों में अस्पताल को  तैयार करने के लिए चौबीसों घंटे काम किया. इस अत्याधुनिक कोविड केयर सेंटर में बच्चों के लिए 44 बिस्तरों सहित 400 बिस्तरों वाले आइसोलेशन वार्ड शामिल हैं. इसके अलावा एम्स में 100 आईसीयू बिस्तर उपलब्ध कराए गए हैं.  

केअर सुविधा को चलाने के लिए डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ एम्स ऋषिकेश द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा. कोविड अस्पताल में सभी बेड के लिए एमजीपीएस सिस्टम के साथ 24x7 हाई फ्लो ऑक्सीजन और रिजर्व सहित समर्पित 20KL और 13KL मेडिकल ऑक्सीजन स्टोरेज जैसी कई सुविधाएं हैं. कोविड अस्पताल सभी मौसमों के लिए केंद्रीय रूप से वातानुकूलित है.

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इसमें पैथोलॉजी प्रयोगशाला, फार्मेसी, एक्स-रे और ईसीजी आदि सुविधा भी मौजूद हैं. 100% पावर बैकअप के साथ उच्च गुणवत्ता वाली विद्युत वितरण प्रणाली भी है ताकि बिजली से जुड़ी कोई परेशानी ना हो. अग्नि पहचान अलार्म प्रणाली, अग्नि हाइड्रेंट और अग्निशामक उपकरणों के साथ अनिवार्य अग्नि सुरक्षा मानदंड सुनिश्चित किए गए हैं. एक समर्पित सिस्टम सॉफ्टवेयर के माध्यम से उचित निगरानी और अस्पताल प्रबंधन के लिए वाईफाई और सीसीटीवी के साथ एक नियंत्रण केंद्र भी स्थापित किया गया है.

इस कोविड देखभाल केंद्र को भारतीय सेना के जांबाज सैनिक राइफलमैन जसवंत सिंह रावत  महावीर चक्र के नाम पर रखा गया है. यह उत्तराखंड के ही थे और अरुणाचल प्रदेश के नूरनांग में 1962 में भारत चीन युद्ध में चीनियों से लड़ते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया था.


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राज्य और देश में वर्तमान खतरनाक COVID स्थिति में, यह कोविड देखभाल केंद्र उत्तराखंड सरकार द्वारा COVID के खिलाफ लड़ने और राज्य के मूल निवासियों को आवश्यक समय पर चिकित्सा प्रदान करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम के रूप में कार्य करेगा.