डीके शिवकुमार सबसे अमीर मंत्रियों में हैं शामिल
- सबसे अमीर मंत्रियों में शामिल हैं डीके शिवकुमार
- आयकर विभाग ने मारे हैं छापे
- देवगौड़ा के सामने लड़ चुके हैं चुनाव
नई दिल्ली:
कर्नाटक के मंत्री डीके शिवकुमार के घर पर बुधवार की सुबह आयकर विभाग ने छापा मारा. आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक- उनके दिल्ली और कर्नाटक स्थित 39 ठिकानों से करीब 9.5 करोड़ बरामद हुए हैं. आयकर विभाग ने उनके रिसॉर्ट की भी तलाशी ली. इसी रिसॉर्ट में गुजरात से आए कांग्रेसी विधायक भी रुके हैं. वह अमीर मंत्रियों में शामिल हैं. उन्हें कर्नाटक के मुख्यमंत्री की रेस में भी माना जा रहा है.
डीके शिवकुमार 250 करोड़ के मालिक
कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार ने विधानसभा चुनाव के हलफनामे में 250 करोड़ की संपत्ति घोषित की है. उनके भाई डीके सुरेश बेंगलुरु ग्रामीण सीट से सांसद हैं. यह रिसॉर्ट डीके सुरेश की संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत ही आता है.
पढ़ें: बेंगलुरु की छापेमारी की गूंज संसद तक पहुंची
राज्यसभा चुनावों के मद्देनजर विधायकों को रिसॉर्ट में ठहराया गया
8 अगस्त को होने वाले राज्यसभा चुनावों के मद्देनजर इन विधायकों को यहां लाया गया है. कांग्रेस के मुताबिक- इन विधायकों को डराया-धमकाया जा रहा था और उनको अपने पाले में लाने के लिए बीजेपी 15 करोड़ रुपये का ऑफर दे रही थी. यह राज्यसभा चुनाव कांग्रेस के लिए इसलिए अहम है क्योंकि इसी सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल पांचवीं बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं. अहमद पटेल ने छापेमारी के बारे में कहा कि ये 'रेड राज' है.
पढ़ें: डराओ मत, धमकाओ मत, डेमोक्रेसी में ऐसे काम नहीं चलता : मल्लिकार्जुन खड़गे
एचडी देवगौड़ा के समाने लड़ा था चुनाव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- डीके शिवकुमार के राजनीतिक करियर की शुरुआत भी कम दिलचस्प नहीं है. डीके ने पहला चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के खिलाफ लड़ा था, हालांकि चुनाव में देवगौड़ा जीते थे, लेकिन उन्हें इससे पहचान जरूर मिली. देवगोड़ा दो सीटों से चुनाव जीते थे तो उन्होंने साथानुर की सीट छोड़ दी और उपचुनाव में डीके शिवकुमार जीत गए. साल 2013 के विधानसभा चुनावों में शिवकुमार कनकपुरा विधानसभा से जीते थे. वह छह बार विधायक रह चुके हैं.
डीके शिवकुमार 250 करोड़ के मालिक
कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार ने विधानसभा चुनाव के हलफनामे में 250 करोड़ की संपत्ति घोषित की है. उनके भाई डीके सुरेश बेंगलुरु ग्रामीण सीट से सांसद हैं. यह रिसॉर्ट डीके सुरेश की संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत ही आता है.
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राज्यसभा चुनावों के मद्देनजर विधायकों को रिसॉर्ट में ठहराया गया
8 अगस्त को होने वाले राज्यसभा चुनावों के मद्देनजर इन विधायकों को यहां लाया गया है. कांग्रेस के मुताबिक- इन विधायकों को डराया-धमकाया जा रहा था और उनको अपने पाले में लाने के लिए बीजेपी 15 करोड़ रुपये का ऑफर दे रही थी. यह राज्यसभा चुनाव कांग्रेस के लिए इसलिए अहम है क्योंकि इसी सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल पांचवीं बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं. अहमद पटेल ने छापेमारी के बारे में कहा कि ये 'रेड राज' है.
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एचडी देवगौड़ा के समाने लड़ा था चुनाव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- डीके शिवकुमार के राजनीतिक करियर की शुरुआत भी कम दिलचस्प नहीं है. डीके ने पहला चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के खिलाफ लड़ा था, हालांकि चुनाव में देवगौड़ा जीते थे, लेकिन उन्हें इससे पहचान जरूर मिली. देवगोड़ा दो सीटों से चुनाव जीते थे तो उन्होंने साथानुर की सीट छोड़ दी और उपचुनाव में डीके शिवकुमार जीत गए. साल 2013 के विधानसभा चुनावों में शिवकुमार कनकपुरा विधानसभा से जीते थे. वह छह बार विधायक रह चुके हैं.
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