
सांकेतिक तस्वीर
नई दिल्ली:
दिल्ली के प्रशांत विहार इलाके के लांसर कान्वेंट स्कूल में क्राइम ब्रांच ने छापा मारा, जहां बड़े पैमाने पर गरीबों के कोटे में फर्जी दाखिले हुए हैं। इस मामले में बुधवार सुबह रोहिणी से गिरफ्तार हुए नीरज ने बताया कि उसने यहां दर्जन से भी ज्यादा फर्जी दाखिले कराए हैं।
नीरज दाखिले के लिए 1 से 10 लाख रुपये लेता था, पुलिस के मुताबिक 2 साल में करीब 300 फर्जी दाखिले हुए हैं, जो फर्जी इनकम और निवास प्रमाण पत्र के जरिए हुए। सर्टीफिकेट जारी करने वाले कई एसडीएम की भी जांच जारी है, वहीं शिक्षा विभाग और स्कूलों का प्रशासन भी शक के दायरे में है। अब तक 20 से ज्यादा स्कूलों के नाम सामने आ चुके हैं।
पुलिस का कहना है कि अलग-अलग स्कूलों में अलग-अलग मॉड्यूल सक्रिय हैं। इससे पहले पुलिस ने मुकेश शर्मा, सुदामा अनिल और धर्मपाल को गिरफ्तार किया था। इस गैंग ने पीतमपुरा के बाल भारती पब्लिक स्कूल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 50 से ज्यादा दाखिले कराये थे। वहीं फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नीरज के एक और साथी की तलाश जारी है। जिन नए स्कूलों के नाम सामने आए हैं उनमें जीडी गोयंका, रियान इंटरनेशवल, सेंट मार्क्स, एम.के. बगोरिया, वेंकटेश्वर, एपीजे और रुकमणी देवी जैसे नामी स्कूल हैं।
नीरज दाखिले के लिए 1 से 10 लाख रुपये लेता था, पुलिस के मुताबिक 2 साल में करीब 300 फर्जी दाखिले हुए हैं, जो फर्जी इनकम और निवास प्रमाण पत्र के जरिए हुए। सर्टीफिकेट जारी करने वाले कई एसडीएम की भी जांच जारी है, वहीं शिक्षा विभाग और स्कूलों का प्रशासन भी शक के दायरे में है। अब तक 20 से ज्यादा स्कूलों के नाम सामने आ चुके हैं।
पुलिस का कहना है कि अलग-अलग स्कूलों में अलग-अलग मॉड्यूल सक्रिय हैं। इससे पहले पुलिस ने मुकेश शर्मा, सुदामा अनिल और धर्मपाल को गिरफ्तार किया था। इस गैंग ने पीतमपुरा के बाल भारती पब्लिक स्कूल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 50 से ज्यादा दाखिले कराये थे। वहीं फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नीरज के एक और साथी की तलाश जारी है। जिन नए स्कूलों के नाम सामने आए हैं उनमें जीडी गोयंका, रियान इंटरनेशवल, सेंट मार्क्स, एम.के. बगोरिया, वेंकटेश्वर, एपीजे और रुकमणी देवी जैसे नामी स्कूल हैं।
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