
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत (फाइल फोटो)
हरिद्वार:
गाय की हत्या करने वालों को भारत का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरुवार को कहा कि ऐसे लोगों को भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उत्तराखंड में गाय का वध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यहां गोपाष्टमी के अवसर पर आयोजित एक समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा, ‘‘किसी भी संप्रदाय का कोई भी व्यक्ति हो, अगर वह हमारी गौमाता का वध करता है तो वह भारत का सबसे बड़ा दुश्मन है और उसे भारत में रहने का अधिकार नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जो गौमाता का वध करेगा, उसको कानून सख्त से सख्त दण्ड देगा और गौमाता की रक्षा करने के लिये हमें चाहे किसी भी सीमा तक जाना पड़े हम पीछे नहीं हटेंगे।
रावत ने कहा कि गौवध करने वालों के खिलाफ उत्तराखण्ड सरकार ने सबसे पहले प्रस्ताव पारित किया था। उन्होंने कहा कि उन पर संत महापुरुषों की बड़ी असीम कृपा हैं और उनके द्वारा दिए गए सभी प्रस्तावों पर वह मोहर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी ऐसी पहली सरकार है जो गऊ पालन के लिये जमीन भी देती है और गऊ माता के चारे के लिए भी पूरा सहयोग करती है।’’
श्री कृष्णायन देशी गोरक्षा एवं गोलोक धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम के संस्थापक और परमाध्यक्ष महंत ईश्वरदास की प्रशंसा करते हुए रावत ने कहा कि जितनी बड़ी गऊ सेवा महंत ईश्वरदास कर रहे हैं वह अपनेआप में एक चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि 2000 गायों की सेवा करना ईश्वर सेवा के समान हैं और मैं उन्हें इस कार्य के लिए साधुवाद देता हूं।
यहां गोपाष्टमी के अवसर पर आयोजित एक समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा, ‘‘किसी भी संप्रदाय का कोई भी व्यक्ति हो, अगर वह हमारी गौमाता का वध करता है तो वह भारत का सबसे बड़ा दुश्मन है और उसे भारत में रहने का अधिकार नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जो गौमाता का वध करेगा, उसको कानून सख्त से सख्त दण्ड देगा और गौमाता की रक्षा करने के लिये हमें चाहे किसी भी सीमा तक जाना पड़े हम पीछे नहीं हटेंगे।
रावत ने कहा कि गौवध करने वालों के खिलाफ उत्तराखण्ड सरकार ने सबसे पहले प्रस्ताव पारित किया था। उन्होंने कहा कि उन पर संत महापुरुषों की बड़ी असीम कृपा हैं और उनके द्वारा दिए गए सभी प्रस्तावों पर वह मोहर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी ऐसी पहली सरकार है जो गऊ पालन के लिये जमीन भी देती है और गऊ माता के चारे के लिए भी पूरा सहयोग करती है।’’
श्री कृष्णायन देशी गोरक्षा एवं गोलोक धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम के संस्थापक और परमाध्यक्ष महंत ईश्वरदास की प्रशंसा करते हुए रावत ने कहा कि जितनी बड़ी गऊ सेवा महंत ईश्वरदास कर रहे हैं वह अपनेआप में एक चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि 2000 गायों की सेवा करना ईश्वर सेवा के समान हैं और मैं उन्हें इस कार्य के लिए साधुवाद देता हूं।
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