वर्ल्ड रिकॉर्ड के बाद टीकाकरण की रफ्तार सुस्त, MP ने चौंकाया - 17 लाख से 5,000 पहुंचा आंकड़ा

Covid-19 Vaccination : साल के अंत तक देश के सभी नागरिकों को कोरोना महामारी की वैक्सीन (Covid-19 Vaccination) लगाने के लक्ष्य के तहत 21 जून को अभियान की रिकॉर्ड टीकाकरण के साथ शुरुआत हुई. लेकिन अगले ही दिन आंकड़े में बड़ी गिरावट देखने को मिली है.

नई दिल्ली:

साल के अंत तक देश में सभी नागरिकों के टीकाकरण के लक्ष्य के साथ शुरू हुए अभियान की एक दिन बाद ही हवा निकल गई है. कल रात साढ़े 10 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक देश में 53 लाख 86 हजार लोगों को वैक्सीन लगाई गई. एक दिन पहले यानी सोमवार को जब इस अभियान की शुरुआत हुई थी, तो 88 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण हुआ था. कल सबसे अधिक 7 लाख 96000 लाख लोगों का टीकाकरण यूपी में हुआ. हांलाकि सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा मध्यप्रदेश से आया, जहां सोमवार को रिकॉर्ड 16.95 लाख टीके लगे थे. वहीं मंगलवार को महज 4,825 लोगों को टीका लग सका.

सरकार के अभियान पर उठने लगे सवाल

टीकाकरण के आंकड़े में आई भारी गिरावट से सवाल उठ रहे हैं कि क्या इतने बड़े पैमाने पर टीकाकरण टिकाऊ है. संकट की जगह आपूर्ति प्रतीत हुई और आरोप थे कि मध्य प्रदेश सहित कुछ राज्यों ने 'मैजिक मंडे' हासिल करने के लिए दिनों तक वैक्सीन की खुराक जमा की थी. सबसे अधिक खुराक देने वाले शीर्ष 10 राज्यों में से सात में भाजपा की सरकारें हैं.

विशेषज्ञों को चिंता, डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट देश में ला सकता है तीसरी लहर

प्रतिदिन 97 लाख टीकाकरण की जरूरत

इस साल के अंत तक सभी वयस्कों को पूरी तरह से टीकाकरण के केंद्र के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रति दिन 97 लाख टीकाकरण किए जाने की आवश्यकता है. आपूर्ति की मौजूदा स्थिति इस पर सवाल उठाती है कि क्या लक्ष्य पूरा किया जाएगा. सरकार का दावा है कि उसके पास दैनिक आवश्यक संख्या में टीकों को स्टोर और उसे लगवाने की क्षमता है. एनटीएजीआई (प्रतिरक्षण पर राष्ट्रीय सलाहकार समूह) के अध्यक्ष डॉ एनके अरोड़ा ने कहा, "सरकार का लक्ष्य प्रत्येक दिन 1 करोड़ लोगों को टीकाकरण करना है. और हमारे पास प्रत्येक दिन 1.25 करोड़ खुराक रखने की क्षमता है."

केंद्र सरकार राज्यों का कर रही पूरा सहयोग

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि केंद्र इस मामले में राज्यों का पूरा सहयोग कर रहा है. उन्होंने कहा, "हम राज्यों को उन्नत दृश्यता दे रहे हैं. हम उन्हें बताते हैं कि अगले 15 दिनों में आपको कितनी खुराक मिलेगी. जिससे राज्य बेहतर योजना बना सकते हैं."

मध्यप्रदेश के आंकड़ों ने चौंकाया

लेकिन आपूर्ति में अंतर मध्य प्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा. मध्य प्रदेश में सोमवार को रिकॉर्ड करीब-करीब 17 लाख लोगों का टीकाकरण हुआ. अगले ही दिन मंगलवार को राज्य में टीकाकरण की चाल बेहद सुस्त पड़ गई. मंगलवार की शाम 6.30 बजे तक राज्य में महज 5,000 से कम लोगों का टीकाकरण हो सका. वहीं राज्य सरकार ने एक बड़ा स्पाइक सुनिश्चित करने के लिए जमाखोरी की बातों से इनकार किया है.

दिल्ली में कोरोना के 134 नए मामले, पिछले 24 घंटे में 8 और मरीजों की मौत

"टीकों की जमाखोरी का ऐसा कोई मुद्दा नहीं है"

राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, "टीकों की जमाखोरी का ऐसा कोई मुद्दा नहीं है." उन्होंने कहा, "हो सकता है कि कुछ डेटा प्रविष्टि मुद्दे थे जो पहले कम संख्या को दर्शाते थे. सोमवार को हमारे सभी टीकाकरण आपकी आंखों के सामने किए गए थे. छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है. आप जिस तरह के सवाल पूछ रहे हैं उससे मैं हैरान हूं."


उत्तर प्रदेश उन कुछ राज्यों में से एक है जिसने मंगलवार को 7 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण कर सोमवार को 6 लाख खुराक के अपने रिकॉर्ड को पार कर लिया.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


रिकॉर्ड से एक दिन बाद ही कम हुई टीकाकरण की रफ्तार