
Covid-19 Vaccination Drive : भारत में कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीनेशन तेजी से चल रहा है, लेकिन तीसरी लहर की आशंका के बीच अब भी देश अपने टारगेट से नीचे चल रहा है. सोमवार को एक दिन में 88.09 लाख वैक्सीन की डोज़ देकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था, लेकिन उसके बाद आंकड़ा काफी नीचे रहा है.
हम NDTV के वैक्सीनेशन ट्रैकर के आंकड़ों के सहारे एक बार नजर डाल रहे हैं कि देश के अलग-अलग राज्यों ने वैक्सीनेशन के मामलों में कैसा प्रदर्शन किया है और अगर कोरोना की तीसरी लहर से पूरी तरह बचना है तो उन्हें अभी आगे और क्या करना पड़ेगा.
पश्चिम बंगाल वैक्सीनेशन के आंकड़े
पश्चिम बंगाल को तीसरी लहर को रोकने के लिए अभी अपने वैक्सीनेशन की दर को दोगुना करने की जरूरत है.


21 जून तक उत्तराखंड की वैक्सीनेशन दर रोजाना के लक्ष्य से 17 फीसदी नीचे है.


21 जून को उत्तर प्रदेश में एक दिन में 4 लाख वैक्सीनेशन हुआ, जोकि एक दिन में 13.3 लाख के लक्ष्य से 70 फीसदी नीचे है.


त्रिपुरा में स्थिति बहुत अच्छी है. 21 जून तक यहां पर रोजाना 15,000 का लक्ष्य है और वैक्सीनेशन की दर यहां 117 फीसदी ऊपर चल रही है.


तेलंगाना में 8 जून और 21 जून के बीच में 1.7 लाख वैक्सीनेशन हुआ, जो टारगेट से 4 फीसदी ऊपर है.


तमिलनाडु में फिलहाल अपने डेली टारगेट को दोगुना करने की जरूरत है. यहां फिलहाल रोज 2.1 लाख वैक्सीनेशन किया जा रहा है.


राजस्थान को अपने डेली टारगेट को 2.7 लाख से 3.9 लाख करने की जरूरत है.


पंजाब को भी अपने वैक्सीनेशन दर को दोगुना करने की जरूरत है.


21 जून तक पुदुच्चेरी में वैक्सीनेशन दर डेली टारगेट से 88 फीसदी ऊपर चल रही है.


ओडिशा को रोज 2.3 लाख वैक्सीनेशन रोजाना करने की जरूरत है.


नगालैंड को रोजाना 12,000 वैक्सीनेशन करने की जरूरत है.


मिजोरम में 21 जून को दर डेली टारगेट 56,000 से 49 फीसदी ऊपर रही.


मेघालय को हर दिन 17,600 वैक्सीनेशन करना होगा.


मणिपुर को अपनी वैक्सीनेशन दर में 300 फीसदी सुधार की जरूरत है.


महाराष्ट्र को राज्य में हर रोज 6.2 लाख वैक्सीनेशन करने की जरूरत है.


मध्य प्रदेश में औसतन हर रोज 2.5 लाख वैक्सीनेशन की दर रिकॉर्ड की गई, जो कि 4.4 लाख तक बढ़ना चाहिए.


केरल में हर रोज 1.4 लाख वैक्सीनेशन करना होगा.


कर्नाटक में हर रोज 3.2 लाख वैक्सीनेशन की जरूरत है.


झारखंड में 8 जून से 21 जून के बीच में हर रोज 90,000 वैक्सीनेशन दर्ज की गई है, जोकि टारगेट से 56 फीसदी नीचे है.


जम्मू-कश्मीर को अपनी रोजाना की दर को 36,000 से बढ़ाकर 59,000 पर ले जाने की जरूरत है.


हिमाचल प्रदेश को रोज 31,000 वैक्सीनेशन करने की जरूरत है.


हरियाणा में वैक्सीनेशन रेट टारगेट से 17 फीसदी नीचे है. राज्य में हर रोज 1.3 लाख वैक्सीनेशन करने से बात बनेगी.


गुजरात में हर रोज 2.8 लाख वैक्सीनेशन करने की जरूरत है.

गोवा वैक्सीनेशन के आंकड़े

गोवा में 21 जून तक डेली टारगेट 13,900 तक का था, राज्य इससे 139 फीसदी ऊपर की दर के साथ आगे चल रहा है.

दिल्ली वैक्सीनेशन के आंकड़े

दिल्ली में 8 जून और 21 जून के बीच वैक्सीनेशन दर कभी 90,000 से ऊपर नहीं पहुंची. यहां दर अभी टारगेट से 31 फीसदी नीचे चल रही है.


छत्तीसगढ़ में हर रोज 1.4 लाख वैक्सीनेशन की जरूरत है.


चंडीगढ़ में हर रोज 4,000 वैक्सीनेशन की जरूरत है, 21 जून तक यहां दर टारगेट से 33 फीसदी ऊपर रही.


बिहार में औसतन हर रोज 2.2 लाख वैक्सीनेशन हो रहा है, जोकि टारगेट से 68 फीसदी नीचे है.


अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह में हर रोज 700 वैक्सीनेशन डोज दिया जा रहा है, जिसे हर रोज 1600 पर ले जाने की जरूरत है.


अरुणाचल प्रदेश में 21 जून तक रोज 7,800 के टारगेट के साथ दर 8 फीसदी ऊपर है.


असम में 8 जून से 21 जून के बीच में रोज की दर टारगेट से 50 फीसदी नीचे रही.


आंध्र प्रदेश को हर रोज 2.6 लाख वैक्सीनेशन करने की जरूरत है.

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