
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बताएं कि पीएम केयर्स (PM-Cares) फंड से प्रवासी मजदूरों को कितना पैसा दिया गया है. लॉकडाउन (Lockdown) खोलने को लेकर सिब्बल ने कहा कि चार घंटे में लॉकडाउन लागू करने वाली सरकार को अब मालूम नहीं किस रास्ते जाना है तभी एक एडवाइज़री आती है फिर दूसरी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास प्रवासी मजदूरों का आंकड़ा नहीं है. सरकार के पास बस इतना डेटा है कि 28 लाख लोगों की मदद की.
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में करीब 12 करोड़ प्रवासी मजदूर हैं. सरकार के पास ये डेटा नहीं है. 14 मई तक 73 लोगों की मुखमरी से मौत हुई है. सिब्बल ने कहा कि अगर आप पत्रकार को वल्चर कहेंगे तो मतलब आप अपना कल्चर भूल गए हैं. ये कहना भी सही नहीं कि कुछ हाईकोर्ट समांतर सरकार चला रही है. इस तरह की दलील सरकार का घमंड दिखाती है. कई जजों को बदल दिया जाता है, बेंच बदल जाती है, कोर्ट को इन सब बातों का संज्ञान लेना चाहिए.
सिब्बल ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा, "24 मार्च के पहले सरकार विभेदकारी एजेंडे पर चल रही थी. कोरोना ने उसे बदल दिया और अब सरकार को पता नहीं है देश कैसे चलाना है. प्रधानमंत्री की देश के लोगों के नाम चिट्ठी झूठ का पुलिंदा है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर देश के नाम चिट्ठी जारी की थी.
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