
देवेंद्र फडणवीस की फाइल फोटो
मुंबई:
विवादों से घिरी महाराष्ट्र की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री पंकजा मुंडे इन दिनों विदेश में भले ही आराम कर रही हों लेकिन, इधर महाराष्ट्र में कांग्रेस ने उनके खिलाफ़ हमला तेज़ किया है। कांग्रेस के ताज़ा हमलों में पंकजा के साथ निशाने पर हैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस।
केंद्र सरकार की एकात्मिक बाल विकास सेवा योजना में 206 करोड़ रुपए के कथित भ्रष्टाचार के आरोप महाराष्ट्र कांग्रेस ने पंकजा मुंडे पर लगाए हैं। जिसके बाद मुख्यमंत्री पंकजा मुंडे के बचाव में आगे आए थे। पंकजा के बचाव में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा है कि पंकजा मुंडे ने जरूरी सामान की खरीदी रेट कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर की। रेट कॉन्ट्रैक्ट पर की गई खरीदी में उन्हें प्राथमिक रूप से कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगता। इसके बावजूद मंत्री मुंडे जांच के लिए तैयार हैं और जरूरत पड़ी तो सरकार जांच करा सकती है।
कांग्रेस ने इसी बात पर मुख्यमंत्री को घेर लिया है। कांग्रेस विधायक और प्रवक्ता भाई जगताप ने संवाददाताओं से बात करते हुए आरोप लगाया कि पंकजा मुंडे को बचाने के लिए आगे आए मुख्यमंत्री फडणवीस महाराष्ट्र को गुमराह कर रहे हैं।
साल 2013 में ही महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाइकोर्ट की नागपुर बेंच ने दिए आदेश अनुसार सरकार की निश्चित वस्तुओं की रेट कॉन्ट्रैक्ट से होती खरीद पर प्रतिबन्ध लगाया है। इतना ही नहीं तो खुद मुख्यमंत्री फडणवीस के अधीन विभाग ने 26 नवम्बर 2014 को ही कहा है कि 3 लाख रुपये से ज्यादा की कोई भी सरकारी खरीद अब रेट कॉन्ट्रैक्ट पर नहीं हो सकती।
इसके बावजूद, पंकजा मुंडे के विभाग से रेट कॉन्ट्रैक्ट पर 206 करोड़ रुपए की खरीद फरवरी 2015 में की गई है। इसे मुख्यमंत्री फडणवीस कैसे आपत्तिजनक नहीं मान सकते? कांग्रेस इस मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो के पास कर चुकी है। जिस आधार पर महिला एवं बाल कल्याण विभाग से ACB ने स्पष्टीकरण मंगवाया है।
केंद्र सरकार की एकात्मिक बाल विकास सेवा योजना में 206 करोड़ रुपए के कथित भ्रष्टाचार के आरोप महाराष्ट्र कांग्रेस ने पंकजा मुंडे पर लगाए हैं। जिसके बाद मुख्यमंत्री पंकजा मुंडे के बचाव में आगे आए थे। पंकजा के बचाव में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा है कि पंकजा मुंडे ने जरूरी सामान की खरीदी रेट कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर की। रेट कॉन्ट्रैक्ट पर की गई खरीदी में उन्हें प्राथमिक रूप से कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगता। इसके बावजूद मंत्री मुंडे जांच के लिए तैयार हैं और जरूरत पड़ी तो सरकार जांच करा सकती है।
कांग्रेस ने इसी बात पर मुख्यमंत्री को घेर लिया है। कांग्रेस विधायक और प्रवक्ता भाई जगताप ने संवाददाताओं से बात करते हुए आरोप लगाया कि पंकजा मुंडे को बचाने के लिए आगे आए मुख्यमंत्री फडणवीस महाराष्ट्र को गुमराह कर रहे हैं।
साल 2013 में ही महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाइकोर्ट की नागपुर बेंच ने दिए आदेश अनुसार सरकार की निश्चित वस्तुओं की रेट कॉन्ट्रैक्ट से होती खरीद पर प्रतिबन्ध लगाया है। इतना ही नहीं तो खुद मुख्यमंत्री फडणवीस के अधीन विभाग ने 26 नवम्बर 2014 को ही कहा है कि 3 लाख रुपये से ज्यादा की कोई भी सरकारी खरीद अब रेट कॉन्ट्रैक्ट पर नहीं हो सकती।
इसके बावजूद, पंकजा मुंडे के विभाग से रेट कॉन्ट्रैक्ट पर 206 करोड़ रुपए की खरीद फरवरी 2015 में की गई है। इसे मुख्यमंत्री फडणवीस कैसे आपत्तिजनक नहीं मान सकते? कांग्रेस इस मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो के पास कर चुकी है। जिस आधार पर महिला एवं बाल कल्याण विभाग से ACB ने स्पष्टीकरण मंगवाया है।
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