
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्र अब दिल्ली और हिमाचल प्रदेश की सरकारों को 'अस्थिर' करने की कोशिश करेगा।
पठानकोट आतंकी हमले की जांच के लिए पाकिस्तानी जेआईटी को आने की अनुमति दिए जाने को लेकर भी उन्होंने पीएम मोदी पर हमला किया और कहा कि पाकिस्तान के प्रति प्रधानमंत्री के 'रुख' का मकसद 'नोबेल शांति पुरस्कार' पाना है।
केजरीवाल ने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान की 'हत्या' करने जैसा है। साथ ही कहा कि दिल्ली और हिमाचल प्रदेश की सरकारों को अस्थिर करने की योजना के बारे में उन्हें पता है।
उत्तराखंड में 'खरीद-फरोख्त' को लेकर निशाना साधते हुए उन्होंने बीजेपी को एक भी 'आप' विधायक को खरीदने की चुनौती दी। केजरीवाल ने आरोप लगाया, 'आईबी के एक अधिकारी ने मुझे बताया कि एक बड़े उद्योगपति को आप विधायकों को खरीदने की जिम्मेदारी दी गई है।'
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
पठानकोट आतंकी हमले की जांच के लिए पाकिस्तानी जेआईटी को आने की अनुमति दिए जाने को लेकर भी उन्होंने पीएम मोदी पर हमला किया और कहा कि पाकिस्तान के प्रति प्रधानमंत्री के 'रुख' का मकसद 'नोबेल शांति पुरस्कार' पाना है।
केजरीवाल ने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान की 'हत्या' करने जैसा है। साथ ही कहा कि दिल्ली और हिमाचल प्रदेश की सरकारों को अस्थिर करने की योजना के बारे में उन्हें पता है।
उत्तराखंड में 'खरीद-फरोख्त' को लेकर निशाना साधते हुए उन्होंने बीजेपी को एक भी 'आप' विधायक को खरीदने की चुनौती दी। केजरीवाल ने आरोप लगाया, 'आईबी के एक अधिकारी ने मुझे बताया कि एक बड़े उद्योगपति को आप विधायकों को खरीदने की जिम्मेदारी दी गई है।'
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