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This Article is From Dec 06, 2018

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस की जांच कैसे और क्यों हुई बाधित ? CBI का कोर्ट में खुलासा

सीबीआई( CBI) ने गुजरात के बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख (Sohrabuddin case) और तुलसी प्रजापति के फर्जी मुठभेड़ कांडों की अंतिम सुनवाई के दौरान एक खुलासा किया है.

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस की जांच कैसे और क्यों हुई बाधित ? CBI का कोर्ट में खुलासा
गुजरात के बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस में अंतिम दलीलें पेश हो चुकीं हैं.
नई दिल्ली: सीबीआई( CBI) ने गुजरात के बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख (Sohrabuddin encounter case) और तुलसी प्रजापति के फर्जी मुठभेड़ कांडों की अंतिम सुनवाई के दौरान यहां की एक अदालत से चौंकाने वाला खुलासा किया है. कहा है कि जांच के दौरान न जाने किन परिस्थितों से कई गवाह बयानों से मुकर जाते रहे, जिससे  जांच में बाधा पहुंची.अंतिम दलीलें सोमवार को शुरु हुई थी. सभी 22 आरोपियों के वकीलों ने विशेष सीबीआई न्यायाधीश एस जे शर्मा के सामने अपनी अपनी दलीलें पेश कीं. इसी के साथ यह काम पूरा हुआ. ज्यादातर आरोपी गुजरात और राजस्थान के पुलिसकर्मी हैं.सीबीआई के अनुसार आतंकी संबंध वाले संदिग्ध गैंगस्टर शेख और उसकी पत्नी कौसर बी को गुजरात पुलिस ने 2005 में कथित फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था.

शेख के साथी प्रजापति को अगले साल गुजरात और राजस्थान के पुलिसकर्मियों ने दूसरी फर्जी मुठभेड़ में मौत की नींद सुला दिया था. प्रजापति पहली मुठभेड़ का चश्मदीद था. इस मामले की प्रारंभिक जांच गुजरात सीआईडी ने की थी. उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर इसकी जांच 2010 में सीबीआई के हाथ में सौंप दी गयी थी. सीबीआई के वकील बी पी राजू ने बुधवार को कहा कि कुछ अहम गवाह सुनवाई के दौरान अपने बयान से पलट गये जिससे मामले की जांच में बाधा पहुंची. उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर इस मामले की सुनवाई सितंबर, 2012 में गुजरात से मुम्बई स्थानांतरित कर दी गयी थी. (इनपुट-भाषा से)

वीडियो- सोहराबुद्दीन मुठभेड़ केस फिर सुर्ख़ियों में 

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