
तलाब पानी से लबालब भर गए हैं...
नई दिल्ली:
सालों पानी के लिए तरसे बुंदेलखंड में सावन आया है. धान की रोपायी हो रही है. यहां बारिश औसत से डेढ़ गुना ज़्यादा हुई है और इस बार की गर्मी में खोदे गए 2100 तालाबों में पानी भर गया है. कुदरत की यह मेहरबानी लोगों के लिए ख़ुशियां ले कर आई है. बागों में झूले पड़ गए हैं.

(यहां देखिए वीडियो)

बुंदेलखंड में पिछले साल औसत से करीब 60 फीसदी कम बारिश हुई थी. आसमान आग उगलता रहा और जमी तंदूर की तरह जलती रही. नदी, तालाब, कुएं सब सूख गए.

तपती धरती पर कुछ उग भी नहीं पा रहा है. तमाम कोशिशों ने खुदकुशी कर ली. तब सरकार ने बुंदेलखंड के खेतों में 2000 तलाब खुदवा दिए और 100 तलाब जिनका पानी का स्रोत बंद हो गए थे उनकी दोबारा मरम्मत कराई. अब बारिश औसत से डेढ़ गुना ज्यादा हो गई है. सब पानी से भर गए हैं.

बुंदेलखंड में सूखे के कारण स्थिति इतनी खराब थी कि ट्रेनों से पानी पहुंचाया जा रहा था. खेती न होने के कारण किसानों की स्थिति भी खराब थी. उनके लगातार आत्महत्या करने के मामले सामने आ रहे थे. लेकिन इस बार की बारिश से मानो सभी के कष्टों को दूर कर दिया है.


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बुंदेलखंड में पिछले साल औसत से करीब 60 फीसदी कम बारिश हुई थी. आसमान आग उगलता रहा और जमी तंदूर की तरह जलती रही. नदी, तालाब, कुएं सब सूख गए.

तपती धरती पर कुछ उग भी नहीं पा रहा है. तमाम कोशिशों ने खुदकुशी कर ली. तब सरकार ने बुंदेलखंड के खेतों में 2000 तलाब खुदवा दिए और 100 तलाब जिनका पानी का स्रोत बंद हो गए थे उनकी दोबारा मरम्मत कराई. अब बारिश औसत से डेढ़ गुना ज्यादा हो गई है. सब पानी से भर गए हैं.

बुंदेलखंड में सूखे के कारण स्थिति इतनी खराब थी कि ट्रेनों से पानी पहुंचाया जा रहा था. खेती न होने के कारण किसानों की स्थिति भी खराब थी. उनके लगातार आत्महत्या करने के मामले सामने आ रहे थे. लेकिन इस बार की बारिश से मानो सभी के कष्टों को दूर कर दिया है.

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