
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की झारखंड इकाई ने सोमवार को अपने एकमात्र विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता को कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित कर दिया. पार्टी के एक नेता यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मेहता पर पलामू जिले में अपने निर्वाचन क्षेत्र हुसैनाबाद की उपेक्षा करने का भी आरोप लगाया गया है. विधायक ने हालांकि इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें इस संबंध में अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है. बसपा के झारखंड प्रभारी छाछु राम ने बताया कि पार्टी ने कुशवाहा शिवपूजन मेहता को पार्टी-विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है.
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बसपा की राज्य इकाई के प्रमुख सुबल दास ने कहा कि मेहता ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए कोई समय नहीं दिया और जब लोगों ने शिकायत की, तो उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर नाटक किया. मेहता ने 26 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव को अपना इस्तीफा सौंपा था और आरोप लगाया था कि पिछले साढ़े चार वर्षों में विधानसभा में कई बार समस्याओं को उठाये जाने के बावजूद उनका समाधान नहीं किया गया.
अध्यक्ष ने उनका इस्तीफा खारिज कर दिया था और कहा था कि उन्होंने सदन से इस्तीफा देने का निर्णय जल्दबाजी में लिया है. दास ने कहा कि कुशवाहा ने अपने निर्णय के बारे में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती या छाछु राम को सूचित नहीं किया था.
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