
शोरूम के बाहर धमाके के बाद की तस्वीर।
श्रीनगर:
श्रीनगर में शुक्रवार को फिर मोबाइल सेवाओं के शोरूम पर ग्रेनेड फेंके गए। इस हमले में कोई मारा नहीं गया, लेकिन दहशतगर्दों ने अपना पैगाम दे दिया। श्रीनगर के करन नगर इलाके में एयरसेल और वोडाफोन के शोरूम के बाहर धमाकों के अफरातफरी का माहौल रहा। धमाके में कुछ लोग घायल भी हुए।
एक चश्मदीद बताया कि "मैं बहार खड़ा था, जब मैंने जोर से धमाका सुना।" वहीं, दूसरे के मुताबिक उसे धमाके से चोट भी लग गई, उसने बताया कि "जब धमाका हुआ तब दुकान के शीशे टूट गए ओर मुझे चोट लग गई।" गौरतलब है कि इससे पहले भी पट्टन और सोपोर में मोबाइल टावरों को निशाना बनाया गया।
ये दुकानें जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रदेश मुख्यालय के महज 300 मीटर की दूरी पर हैं। इन हमलों के कुछ ही घंटे बाद तीसरे धमाके की ख़बर आई। इस बार निशाने पर बीएसएनएल के टावर रहे।
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक :
एक चश्मदीद बताया कि "मैं बहार खड़ा था, जब मैंने जोर से धमाका सुना।" वहीं, दूसरे के मुताबिक उसे धमाके से चोट भी लग गई, उसने बताया कि "जब धमाका हुआ तब दुकान के शीशे टूट गए ओर मुझे चोट लग गई।" गौरतलब है कि इससे पहले भी पट्टन और सोपोर में मोबाइल टावरों को निशाना बनाया गया।
ये दुकानें जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रदेश मुख्यालय के महज 300 मीटर की दूरी पर हैं। इन हमलों के कुछ ही घंटे बाद तीसरे धमाके की ख़बर आई। इस बार निशाने पर बीएसएनएल के टावर रहे।
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक :
- इन हमलों के पीछे लश्करे इस्लाम नाम का नया संगठन बताया जा रहा है।
- ये हिज़्बुल मुजाहिद्दीन से अलग हुआ गुट है।
- कहा जा रहा है कि हमला संगठन के कमांडर कयूम नजीर और उसके डिप्टी इकबाल खांडू ने कराया है।
- ग्रेनेड फेंकने वालों की शिनाख्त हो चुकी है।
- माना जा रहा है कि घाटी में फिलहाल आतंकवाद के खिलाफ माहौल बन रहा है।
- ऐसे में हिज़्बुल मुजाहिद्दीन स्थानीय लोगों के जज़्बात के खिलाफ नहीं जाना चाहता।
- लेकिन, इस अलग हुए धड़े ने माहौल फिर गरमा दिया है।
- इन तंजीमों का मक़सद घाटी में संचार-व्यवस्था ठप्प करना है, लेकिन ये अलग-थलग पड़ी तंज़ीमें सुरक्षा बलों का नया सिरदर्द भी बन रही हैं।