बिहार में अब महिलाओं या लड़कियों के मोबाइल फोन पर मिस्ड कॉल करना महंगा पड़ सकता है। पुलिस लड़कियों को बार-बार मिस्ड कॉल करना छेड़खानी की श्रेणी में मानेगी और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
बिहार के पुलिस महानिरीक्षक (कमजोर वर्ग) अरविंद पांडेय ने बताया कि मिस्ड कॉल के जरिये महिलाओं को परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त कारवाई की जाएगी। अगर किसी खास नंबर से किसी महिला को बार-बार फोन आता है, तो महिला इसकी शिकायत महिला थाने में कर सकती है। उन्होंने राज्य के सभी महिला थाना प्रभारियों से ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाएं छेड़खानी मानी जाएगी और कानूनी प्रावधानों के तहत पुलिस कारवाई करेगी। उन्होंने बताया कि मिस्ड कॉल करने वाले टेलीफोन नंबर की पहचान कर उसका कॉल डिटेल रिकार्ड निकाला जाएगा और अगर आरोप साबित होता है, तो उस नंबर को इस्तेमाल करने वाले पर महिला थाना में मामला दर्ज कराया जाएगा।
कमजोर वर्ग (महिला कोषांग) की पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर ने बताया कि इसे लेकर राज्य के सभी महिला कॉलेजों में महिला सशक्तीकरण के लिए प्रस्तुति देने और कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश महिला थाना प्रभारियों को दिया गया है। उन्होंने बताया कि पटना में महिला थाना प्रभारियों की मंगलवार को एक कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसमें मोबाइल फोन से महिला और लड़कियों के साथ होने वाली छेड़छाड़ की रोकथाम पर चर्चा की गई थी।
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