रामविलास पासवान और रघुवंश बाबू पर तेजस्वी का नया दांव, नीतीश कुमार को खत लिखकर की दो बड़ी मांग, समझें- मायने

तेजस्वी ने यह पत्र ऐसे समय में लिखा है जब एक दिन बाद रामविलास पासवान की बरसी मनाई जानेवाली है. उनके बेटे चिराग पासवान पटना में 12 सितंबर को रामविलास पासवान की पहली बरसी मनाएंगे. इस मौके पर बड़ा समारोह आयोजित किया गया है. इस समारोह में सीएम नीतीश कुमार, लालू यादव, पीएम मोदी, अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है.

रामविलास पासवान और रघुवंश बाबू पर तेजस्वी का नया दांव, नीतीश कुमार को खत लिखकर की दो बड़ी मांग, समझें- मायने

तेजस्वी ने लिखा, "रघुवंश बाबू और रामविलास पासवान जी राज्य की महान विभूति होने के साथ-साथ समाजवादी नेता थे.

पटना:

बिहार (Bihar) के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने भूतपूर्व दो केंद्रीय मंत्रियों रघुवंश प्रसाद सिंह और रामविलास पासवान की राज्य में आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की है. तेजस्वी ने इस बाबत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को पत्र लिखा है और इन दोनों नेताओं की जयंती अथवा पुण्यतिथि को राजकीय समारोह घोषित करने की भी मांग की है.

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में तेजस्वी ने कहा है, "स्वर्गीय डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह और स्वर्गीय रामविलास पासवान जी दोनों ही राज्य की महान विभूति होने के साथ-साथ समाजवादी नेता थे. दोनों ही नेताओं ने अपने सामाजिक सरोकारों और सक्रिय राजनीतिक जीवन के माध्यम से बिहार राज्य की उल्लेखनीय सेवा की है. दोनों बिहार के ऐसे सपूत रहे हैं जिनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से हम सभी बिहारवासी  सदा ऋणी रहेंगे."

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री को रघुवंश प्रसाद सिंह की उस चिट्ठी की भी याद दिलाई है, जिसे उन्होंने अपने निधन से कुछ दिनों पहले लिखा था. तेजस्वी ने लिखा, "महोदय, आपको तो ज्ञात ही है निधन से कुछ दिन पूर्व डॉ. रघुवंश बाबू ने आपको सम्बोधित पत्र के माध्यम से अपनी कुछ मांगे पूर्ण करने की इच्छा व्यक्त की थी. मुझे विश्वास है कि आप उन मांगों को पूर्ण करने हेतु आवश्यक कदम उठा रहे होंगे. रघुवंश बाबू की अंतिम इच्छाओं को सम्मान देते हुए उन्हें पूरा करना ही उनके प्रति हमलोगों की सच्ची श्रद्धांजलि होगी."

तेजस्वी ने इस पत्र को सोशल मीडिया पर साझा भी किया है. उन्होंने ट्वीट किया है, "पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व० डॉक्टर रघुवंश प्रसाद सिंह जी एवं स्व० रामविलास पासवान जी की राज्य में आदमकद प्रतिमा स्थापित करते हुए उनकी जयंती अथवा पुण्यतिथि को राजकीय समारोह घोषित करने की माँग को लेकर माननीय मुख्यमंत्री, बिहार को पत्र लिखा."

दरअसल, तेजस्वी ने यह पत्र ऐसे समय में लिखा है जब एक दिन बाद रामविलास पासवान की बरसी मनाई जानेवाली है. उनके बेटे चिराग पासवान पटना में 12 सितंबर को रामविलास पासवान की पहली बरसी मनाएंगे. इस मौके पर बड़ा समारोह आयोजित किया गया है. इस समारोह में सीएम नीतीश कुमार, लालू यादव, पीएम मोदी, अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है.


बिहार में पासवान जाति का पांच फीसदी वोट बैंक माना जाता है. रघुवंश बाबू भी राजपूत जाति के बड़े और कद्दावर नेता थे. उनके निधन के बाद राजपूत वोटों में सेंध लागने के लिए जेडीयू ने तब बहुत कोशिशें की थीं. 

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