वीएचपी ने बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर एमएन रेड्डी के उस आदेश को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनोती दी थी जिसके ज़रिये प्रवीण तोगड़िया के बेंगलुरु शहर में आने पर एक हफ्ते की रोक लगा दी गई थी।
कर्नाटक हाई कोर्ट के जस्टिस अब्दुल नज़ीर की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस नज़ीर अपना फैसला शुक्रवार को दोपहर में सुनाएंगे।
तोगड़िया पर लगी रोक को लेकर कर्नाटक विधानसभा में पिछले दो दिनों से हंगामा चल रहा है। गुरुवार को बीजेपी के सभी विधायक इस फैसले के खिलाफ सदन से बाहर निकल आए। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसके बाद विधान परिषद् में कहा कि पुलिस की रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि तोगड़िया की मौजूदगी से अशांति फैल सकती है। ऐसे में उनकी सरकार इसकी इजाज़त नहीं देगी।
प्रवीण तोगड़िया विराट हिन्दू समजोत्सव में हिस्सा लेने 8 तारीख को बेंगलुरु आना चाहते हैं। लेकिन पिछले महीने मेंगलोर के पास उनके भाषण के बाद भड़के दंगे और ऐसी ही कुछ और वारदातों का हवाला देते हुए पुलिस ने शहर में उनके आने पर 5 फरवरी से 11 फ़रवरी तक रोक लगा दी थी।
वहीं दूसरी तऱफ एआईएमएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी शहर में दाखिल होने पर पुलिस की रोक के ख़िलाफ़ कर्नाटक हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई शरू होते ही ओवैसी के वकील ने इसे वापस ले लिया। ओवैसी बेंगलुरु के शिवाजी नगर में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेना चाहते हैं।
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