
फाइल फोटो
नई दिल्ली:
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने सांसदों एवं विधायकों को वकीलों के रूप में काम करने की मंजूरी देने का फैसला किया, लेकिन कहा कि उच्च न्यायपालिका के किसी न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने वाले को उस अदालत में वकालत करने की मंजूरी नहीं होगी.
अंतरराष्ट्रीय अदालत में भारत को बड़ी कामयाबी दिलाने वाले दलवीर भंडारी के बारे में 10 खास बातें
बीसीआई के प्रमुख एवं वरिष्ठ वकील मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि बार काउंसिल ने ‘अधिकारों के दुरूपयोग’ और किसी सांसद नहीं बल्कि वकीलों के‘‘ विशेषाधिकारों’ पर रोक लगाने के लिए यह फैसला लिया. मिश्रा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘बीसीआई इस अंतिम निष्कर्ष पर पहुंची है कि हम सांसदों, विधायकों को अदालतों में वकालत करने से रोक नहीं सकते या उन पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते लेकिन इसे लेकर एक अपवाद है.
वकील- सांसद या वकील- विधायक, अगर वे हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग या पद से हटाने की कार्यवाही का प्रस्ताव लाते हैं तो उन्हें उस खास अदालत में वकालत करने की मंजूरी नहीं होगी. यह काउंसिल के अधिकतर सदस्यों का रूख है.’’
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर एक याचिका को लेकर 12 मार्च को बीसीआई से जवाब मांगा था. याचिका में सांसदों या विधायकों के वकीलों के रूप में काम करने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गयी है.
अंतरराष्ट्रीय अदालत में भारत को बड़ी कामयाबी दिलाने वाले दलवीर भंडारी के बारे में 10 खास बातें
बीसीआई के प्रमुख एवं वरिष्ठ वकील मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि बार काउंसिल ने ‘अधिकारों के दुरूपयोग’ और किसी सांसद नहीं बल्कि वकीलों के‘‘ विशेषाधिकारों’ पर रोक लगाने के लिए यह फैसला लिया. मिश्रा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘बीसीआई इस अंतिम निष्कर्ष पर पहुंची है कि हम सांसदों, विधायकों को अदालतों में वकालत करने से रोक नहीं सकते या उन पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते लेकिन इसे लेकर एक अपवाद है.
वकील- सांसद या वकील- विधायक, अगर वे हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग या पद से हटाने की कार्यवाही का प्रस्ताव लाते हैं तो उन्हें उस खास अदालत में वकालत करने की मंजूरी नहीं होगी. यह काउंसिल के अधिकतर सदस्यों का रूख है.’’
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर एक याचिका को लेकर 12 मार्च को बीसीआई से जवाब मांगा था. याचिका में सांसदों या विधायकों के वकीलों के रूप में काम करने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गयी है.