केजरीवाल सरकार के 6 साल पूरे, दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में ये रहीं कुछ उपलब्धियां

Six Year of Kejriwal Government: दिल्ली की केजरीवाल सरकार (Arvind Kejriwal Government) को दिल्ली की सत्ता में 6 वर्ष पूरे हो गए हैं.

केजरीवाल सरकार के 6 साल पूरे, दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में ये रहीं कुछ उपलब्धियां

Six Year Of Kejriwal Government: 16 फरवरी 2020 को अरविंद केजरीवाल तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने

नई दिल्ली:

Six Year of Kejriwal Government: दिल्ली की केजरीवाल सरकार (Arvind Kejriwal Government) को दिल्ली की सत्ता में 6 वर्ष पूरे हो गए हैं. 14 फरवरी 2015 को अरविंद केजरीवाल ने 70 में से 67 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी और शपथ ली थी. इसके बाद बीते साल 16 फरवरी 2020 को 70 में से 62 सीटें जीतकर अरविंद केजरीवाल तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने. अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पहली बार 28 दिसंबर 2013 को दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे लेकिन तब उनकी सरकार पूर्ण बहुमत की नहीं थी और केजरीवाल ने 49 दिन बाद इस्तीफ़ा दे दिया था. 

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16 फरवरी 2020 को दिल्ली की सत्ता में तीसरी बार आने के तुरंत बाद से ही अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार का सफर काफी मुश्किल हो गया था. दिल्ली में विधानसभा चुनाव और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का शपथ ग्रहण होते ही दिल्ली के अंदर दंगे शुरू हो गए थे. दंगे शांत हुए तो देश मे कोरोना का संकट आ गया और तालाबंदी हो गई.  हालांकि इसके बावजूद भी बीते 1 साल में कुछ ऐसी बातें हुई हैं जिनको केजरीवाल सरकार अपनी उपलब्धि के तौर पर गिनवाना चाहेगी. 

1. कोरोना प्रबंधन (Corona Management)

प्लाज्मा थेरेपी (Plasma Therapy)

कोरोना के शुरुआती दिनों में जब इस वायरस का कोई इलाज नहीं दिख रहा था तब दिल्ली ने पूरे देश में सबसे पहले प्लाज्मा थेरेपी के ट्रायल शुरू किए. ट्रायल के शुरुआती नतीजे उत्साहवर्धक निकले और इसके बाद पूरे देश में प्लाज्मा का ट्रायल हुआ. 

प्लाज्मा बैंक (Plasma Bank)

2 जुलाई 2020 को दिल्ली में देश का पहला प्लाज्मा बैंक खोला गया. यह केजरीवाल सरकार के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि थी. प्लाज्मा बैंक खुलने से पहले समस्या यह आ रही थी कि कोरोना मरीज के परिवार वाले और तीमारदार प्लाज्मा ढूंढने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे थे, यहां तक कि प्लाज्मा की कालाबाजारी की भी खबरें आने लग गई थी. 

दिल्ली सरकार ने इन सब समस्याओं को दूर करने के लिए दक्षिणी दिल्ली के इंस्टिट्यूट ऑफ़ लीवर एंड बिलिअरी साइंसेस(ILBS) में देश का पहला प्लाज्मा बैंक खुलवाया. 

अब तक 4929 मरीजों को प्लाज्मा दिया जा चुका है. 

होम आइसोलेशन (Home Isolation)

कोरोना मरीजों का इलाज प्रबंधन कैसे हो इसको लेकर शुरुआत के दिनों में बड़ा संकट छाया हुआ था। जितनी बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे थे उतनी बड़ी संख्या में उनका इलाज करने के लिए अस्पतालों में बेड उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में दिल्ली सरकार ने कोरोना मरीज़ों के प्रबंधन की नई नीति बनाई

इस नीति के तहत जो बहुत गंभीर मरीज थे उनको अस्पतालों में, मॉडरेट लेवल के गंभीर मरीज को कोविड हेल्थ केयर सेंटर में और हल्के लक्षण या बिना लक्षण वाले मरीज़ों को उनके घर में ही रहकर इलाज करवाने की सुविधा दी गई जिसको होम आइसोलेशन कहा गया

होम आइसोलेशन की सुविधा होने के बाद एक तरफ सरकार के संसाधनों पर दबाव कम हुआ वही संक्रमित होने वाले व्यक्ति के मन से कोरोना भय कम हुआ क्योंकि यह भरोसा मिला कि अगर संक्रमित हो भी गए तो इलाज घर पर रहकर अपने ही लोगों के बीच में कराया जा सकता है

अब तक दिल्ली में 3,12,425 मरीज़ होम आइसोलेशन में रहकर ठीक हो चुके हैं जबकि 6 लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित होकर ठीक हुए हैं

कोरोना वारियर्स का सम्मान

कोरोना की शुरुआत में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ आदि सब नए बेहद जानलेवा कोरोना वायरस को लेकर आशंकित थे और इसलिए शुरुआत में ऐसी खबरें भी आ रही थी कि कोरोना ड्यूटी से सब लोग बचते दिख रहे हैं। ऐसे में यह संकट खड़ा हो गया था कि अगर इलाज करने वाले लोग ही इस वायरस से डरने लग जाएंगे तो फिर इसके खिलाफ लड़ाई कैसे लड़ी जाएगी?

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इसी के मद्देनजर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की कि कोई भी कोरोना ड्यूटी में लगे व्यक्ति की अगर जान गई तो उसके परिवार को सम्मान के तौर पर एक करोड रुपए दिए जाएंगे फिर चाहे वह डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ या कोई सफाई कर्मी ही क्यों ना हो। पूरे देश में अपने तरह की यह इकलौती घोषणा और योजना है

दिल्ली सरकार ने 9 कोरोना वरियर्स के परिवार को 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि दी। इसमें डॉक्टर से लेकर टेक्निकल स्टाफ़ और सफाई कर्मी भी शामिल हैं. 

ऑटो ड्राइवर/टैक्सी ड्राइवर/निर्माण मजदूर को राहत

कोरोना के दौरान दिल्ली कमाई का संकट था ऐसे में बहुत सेवर कैसे थे जो रोजाना कमाते और खाते थे। इन सबके खाते में दिल्ली सरकार का सहायता राशि दी

1,56,875 ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के बैंक अकाउंट में ₹5000 की एक बार सहायता राशि जमा कराई

43,945 निर्माण मजदूरों के बैंक अकाउंट में ₹10,000 जमा कराए गए

2. बिजली (Delhi Electricity)

आम आदमी पार्टी ने अपने जन्म की शुरुआत से ही बिजली को एक बड़ा मुद्दा बनाया. दिल्ली में 400 यूनिट तक बिजली के दाम 50% घटाए. इसके बाद 200 यूनिट तक जीरो बिल की घोषणा कर दी. 

पिछले बिल साइकिल में दिल्ली में 73.54% घरों में बिजली का शून्य बिल आया है. यानी कुल 51,98,533 उपभोक्ताओं में से 38,23,232 उपभोक्ताओं का बिजली का बिल शून्य आया है. 

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3. पानी (Delhi Water)


पानी भी आम आदमी पार्टी की शुरुआत से ही राजनीति का अहम हिस्सा है। दिल्ली में 20,000 लीटर पानी हर महीने हर घर को मुफ्त देने की योजना है. 

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कुल 24.70 लाख उपभोक्ताओं में से 13.66 लाख उपभोक्ताओं का पिछले बिल साइकिल में पानी का बिल 0 आया है.